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‘पुष्कर कॉरिडोर’ से निखरेगा ब्रह्मा की नगरी का स्वरूप

स्थानीय लोगों से लिए जाएंगे सुझाव, सावित्री मंदिर प्रोजेक्ट से बाहर

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Pushkar Lake

पुष्कर सरोवर

पुष्कर. पुष्कर के बहुप्रतीक्षित‘पुष्करकॉरिडोर’ में सरोवर के घाटों व ब्रह्मा मंदिर का स्वरूप निखारने पर फोकस रहेगा। इन दोनों धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

जानकारी के अनुसार कॉरिडोर की कार्ययोजना को मूर्त रूप देने के लिए एडीए की तकनीकी टीम उज्जैन का दौरा करने के साथ ही दो बार पुष्कर सरोवर के घाट व मंदिर का भी जायजा ले चुकी है। जानकारी के अनुसार पहले योजना में सावित्री मंदिर को शामिल करने का प्रस्ताव भी था। लेकिन अब केवल ब्रह्मा मंदिर एवं पुष्कर सरोवर के घाटों का जीर्णोद्धार करा भव्यता देने पर फोकस रहेगा।

मंदिर, घाटों पर होगा काम

कॉरिडोर को लेकर बनाए गए ड्राफ्ट में पुष्कर सरोवर के घाटों का जीर्णोद्धार, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करना शामिल है। इसी तरह ब्रह्मा मंदिर को श्रद्धालुओं के प्रवेश व निकास द्वार के साथ दर्शनों में सुविधा के साथ पुष्कर तीर्थ की धार्मिक जानकारी देना प्रमुख रहेगा। प्रारिम्भक स्तर पर ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। राज्य सरकार के स्तर पर कुछ और बदलाव भी किया सकता है। जिसके बाद अंतिम रूप से अनुमोदन होगा। स्थानीय जन प्रतिनिधियों, पुरोहितों व अधिकारियों से चर्चा कर सुझाव भी लिए जाएंगे।

इनका कहना है

पुष्कर कॉरिडोर के लिए प्राथमिक स्तर पर काम शुरू हुआ है। टीम ने दो बार पुष्कर तथा उज्जैन का दौरा भी किया है। ड्राफ्ट में ब्रह्मा मंदिर व घाटों को शामिल करते हुए कॉरिडोर बनाने के प्रयास हैं। सरकार से ड्राफ्ट स्वीकृत होने के बाद जनरल बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद ही कॉरिडोर बनेगा।

डॉ. भारती दीक्षित, जिला कलक्टर, अजमेर