बोले रघु शर्मा...जीएसटी और नोटबंदी ने पीछे धकेल दिया भारत को

बोले रघु शर्मा...जीएसटी और नोटबंदी ने पीछे धकेल दिया भारत को

raktim tiwari | Publish: Sep, 11 2018 09:45:00 AM (IST) Ajmer, Rajasthan, India

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अजमेर.

अजमेर व्यापारिक महासंघ के तत्वावधान में बैठक हुई। सांसद डॉ. रघु शर्मा ने ने व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों से मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि आमजन के साथ व्यापारी और अन्य तबके महंगाई की मार से त्रस्त हैं। केंद्र और राज्य सरकार महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पाई है। जीएसटी और नोटबंदी ने आम जनता और व्यापारियों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। देश की सकल घरेलू विकास दर और आर्थिक विकास दर में गिरावट हुई है। व्यापारियों की समस्याओं के समाधन के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे।

महासंघ अध्यक्ष मोहन लाल शर्मा ने कहा कि छोटे व्यापारियों के व्यवसाय चौपट हो रहे हैं। आम लोग और व्यापारी उनके हितों की रक्षा करने वाली सरकार चाहते हैं। इस दौरान सांसद शर्मा का शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया गया। व्यापारिक एसोसिएशन गंज के अध्यक्ष मानमल गोयल, गोविंद लालवानी, आनन्द प्रकाश मामा, आगरा गेट के अध्यक्ष सुरेश तम्बोली, घसेटी बाजार के अध्यक्ष महेन्द्र बंसल, पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष भागचंद दौलतानी, गंज गुरूद्वारे के सरदार दिलीप सिंह छाबडा मौजूद थे।

इसी तरह दरगाह बाजार धान मंडी के दिलीप सामनानी, जयपुर रोड की अध्यक्ष नीतू केसवानी, महावीर सर्किल के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह निर्वाण, स्टेशन रोड के अध्यक्ष कमल अभिचन्दानी, रामगंज बाजार के मनीष शर्मा, जोधाराम टेकचन्दानी, मंूदड़ी मोहल्ला बाजार के सचिव अशोक दुल्हानी, यादव समाज के अध्यक्ष ओम प्रकाश यादव, कमल गंगवाल और अन्य मौजूद थे।

रंग छोड़ते हैं जिंदगी पर गहरा असर

रंग और वर्ण का जीवन में बहुत महत्व होता है। प्रत्येक रंग जीवन पर गहरा असर छोड़ता है। यह बात मुनि वसुनंदी ने धर्मसभा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इन्द्रधनुष में सात रंग दिखते हैं। उसी तरह से जैन धर्म में सात तत्व होते हैं। इन तत्वों को इद्रधनुष के सात रंगो की तरह देखना चाहिए। रंग अथवा वर्ण का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। रंगो से विभिन्न स्थितियों का एहसास होता है।

जैसे इन्द्रधनुष के सात रंगों को को सभी रंगो का जनक माना जाता है। ऐसे ही रंगो के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। रंगो के बिना शरीर बगैर प्राण के समान होता है। उन्होंने कहा कि युवक रंगो के माध्यम से संसार का सृजन करता है। वृद्ध की कमजोर आंखे रंगो की सहायता से वस्तुओं को प्राप्त करती हैं। मानव जीवन रंगो के बिना उदास व सूना है। कई रंग हमें शांति का एहसास दिलाते हैं।

 

 

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