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अजमेर
राजस्थान राजस्व आसूचना निदेशालय की टीम ने किशनगढ़ के निकट शराब फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई में 5 हजार 150 बल्क लीटर स्प्रिट कम मिली। वहीं 7 हजार 750 ब्लैंडिग मदिरा स्टॉक में कम मिली। मामले में अब एडीआरआई निदेशालय राजस्थान लिकर्स लिमिडेट पर कार्रवाई करेगा।
राजस्थान राजस्व आसूचना निदेशालय की टीम ने शनगढ़ के सिलोरा स्थित राजस्थान राजस्थान लिकर्स लिमिडेट के रजवाड़ा बॉटलिंग प्लांट पर कार्रवाई की। टीम को प्लांट में शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली में 5 हजार 150 लीटर ब्लक लीटर स्प्रिट कम मिली।
वहीं 7 हजार 750 बल्क लीटर ब्लैंडिग मदिरा स्टॉक से कम मिली। स्प्रिट और ब्लैंडिंग मदिरा का स्टॉक में कम मिलने पर एसडीआरआई टीम ने प्रकरण बनाया है। स्प्रिट और मदिरा प्राइवेट शराब फैक्ट्रियों को बेचकर मुनाफा कमाने की संभावना जताई गई है। एसडीआरआई मामले की गहतना से पड़ताल में जुटी है।
लीज पर प्लांट
राजस्थान लिकर्स लि. का सिलोरा स्थित रजवाड़ा बॉटलिंग प्लांट लीज पर दे रखा है। कार्रवाई में एसडीआरआई निदेशालय के प्रभारी निरीक्षक समेत कई अधिकारी शामिल थे।
यूं करते हैं नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी
क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी से रकम हडऩे वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में मुख्य सूत्रधार महिला को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ में जुटी है। पीडि़तों ने महिला के पति और उसके ससुर पर भी लिप्तता की बात कही है।
किशनगढ़ पाटन निवासी श्योराज गुर्जर की शिकायत पर क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने रेलवे में सुपरवाइजर व ग्रुप डी में भर्ती करवाने के नाम पर ठगी के आरोपित खानपुरा निवासी फिरोज खान पुत्र शहाबुद्दीन को गिरफ्तार किया है। पीडि़त श्योराज गुर्जर ने बताया कि रिश्तेदार हनुमान गुर्जर ने उसे बताया कि रेलवे में सुपरवाइजर की गुप्त भर्ती निकली हुई है और फिरोज के रिश्तेदार की रेलवे में अच्छी पहचान है।
हनुमान ने उसको फिरोज से मिलवाया। फिरोज ने श्योराज को वैशालीनगर आंतेड़ श्मशान घाट के पास रहने वाली नेहा चौधरी उर्फ अलसिबा को रेलवे में बतौर अधिकारी तैनात होने की बात कहते हुए मिलवाया। नेहा ने श्योराज को सुपरवाइजर की नौकरी दिलवाने का भरोसा दिलाते हुए सिकी एवज में 7 लाख रुपए की डिमांड की गई। आरोपितों ने 50 हजार रुपए तुरन्त मांगे। पचास हजार रुपए देने पर उसको दूसरे दिन निजी अस्पताल में मेडिकल के लिए बुलाया। मेडिकल के बाद उसको अपने वैशालीनगर स्थित मकान व ऑफिस ले गए, जहां उससे आधी रकम के तीन लाख रुपए ले लिए। फिर उसे अजमेर में पोस्टिंग दिलवाने के नाम पर 3 लाख रुपए की अतिरिक्त डिमांड की गई।
नियुक्ति-पत्र मांगा तो धमकाया
पीडि़त श्योराज ने बताया कि साढ़े तीन लाख रुपए देने के बाद जब उसने नियुक्ति पत्र मांगा तो आरोपित नेहा चौधरी और अन्य ने उसको धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने भविष्य में नौकरी व पैसे के बारे में भूल जाने के लिए कहा। श्यारोज ने बताया कि आरोपितों ने षड्यंत्रपूर्वक उसके साथ उमराव, मांगीलाल, हनुमान सहित कई लोगों को नौकरी का झांसा देकर रकम हड़पी है।
Published on:
21 Jul 2018 09:54 am
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