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Weather report: घनघोर घटाओं ने गाया राग मल्हार, कभी बौछार तो कभी फुहार

बादल छाने, टपका-टपकी और हवाएं चलने से मौसम खुशगवार रहा। हालांकि उमस ने पसीने बहा दिए।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 12 Jul 2018, 7:24 AM IST

rain in ajmer

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अजमेर

घनघोर घटाएं बुधवार अल सुबह से शहर पर मेहरबान रही। रुक-रुक कर कभी तेज बौछार तो कभी हल्की फुहार का दौर चला। बादल छाने और हवा चलने से लोगों को तीखी धूप और गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि उमस ने पसीने बहाए रखे।

मंगलवार देर रात शहर में बरसात का दौर शुरू हुआ था। बुधवार अलसुबह से फिर घटाओं ने भिगोया। सुबह 4 बजे से कभी तेज बौछारें पड़ी तो कभी फुहारें गिरी। इससे सड़कें गीली हो गई। शहर के वैशाली नगर, पंचशील, माकड़वाली रोड, स्टेशन रोड, नसीराबाद रोड, धौलाभाटा, रामगंज, पुष्कर रोड और अन्य इलाकों में बरसात हुई। बादल छाने, टपका-टपकी और हवाएं चलने से मौसम खुशगवार रहा। हालांकि उमस ने पसीने बहा दिए।

खाली पड़े हैं जलाशय

जिले के अधिकांश जलाशय खाली पड़े हैं। राजियावास, मूंडोती, नाहर सागर पिपलाज,ताज सरोवर अरनिया, पारा प्रथम और द्वितीय, फूलसागर कायड़, बीर, बिसून्दनी, मदन सरोवर धानवा और अन्य

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राज्यपाल जाएंगे नरवर गांव

राज्यपाल के दौरे को देखते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय गोद लिए गांव नरवर में आवश्यक तैयारियों में जुट गया है। कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली ने गांव का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से समस्याएं पर चर्चा के अलावा अधिकारियों को जरूरी कार्य तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।राज्यपाल और कुलाधिपति कल्याण सिंह अगस्त में नरवर गांव का दौरा करेंगे। इस गांव को विश्वविद्यालय ने गोद लिया है।

यहां विश्वविद्यालय को स्कूल भवन में कम्प्यूटर, फर्नीचर जुटाने के अलावा अन्य कामकाज कराने हैं। कुलपति ने राजकीय बालिका उच्चा प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय के भवनों पर रंग-रोगन कराने और खेल मैदान को समतल कराकर आवश्यक संसाधन जुटाने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों और शिक्षकों से पेयजल संकट की जानकारी मिलने पर प्रो. श्रीमाली ने तत्काल 5 हजार लीटर की पानी की टंकी खरीदने की स्वीकृति दी। उन्होंने अटल सेवा केंद्र में आवश्यक तकनीकी उपकरण और उद्यान लगाने के लिए निर्देश दिए। मालूम हो कि पूर्व में विश्वविद्यालय ने मुहामी गांव को गोद लिया था।

ग्रामीणों से ली जानकारी

विश्वविद्यालय के दल ने ग्रामीणों से विभिन्न जानकारी ली। इनमें तालाब में पानी आवक के स्त्रोत, कैचमेंट एरिया, गांव की भौगोलिक स्थिति, वन-आबादी क्षेत्र, सड़कों की स्थिति पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने दल को आंगनबाड़ी केंद्र की चारदीवारी निर्माण, पेयजल आपूर्ति और अन्य समस्याओं के बारे में बताया। इस दौरान प्रबंध मंडल सदस्य प्रो. प्रवीण माथुर, डीन छात्र कल्याण प्रो. अरविंद पारीक, उद्यान निरीक्षक राजेंद्र तिवारी, ग्राम सरपंच हनुमान सिंह राठौड़, उप सरपंच ताराचंद, पूर्व सरपंच रामेश्वरलाल, गोपाल प्रजापत और अन्य मौजूद थे।