
अंजुमन सचिव के फिर बिगड़े बोल...‘लड़की चीज ही ऐसी है, बड़े से बड़ा फिसल जाए...’
अजमेर. अश्लील छायाचित्र ब्लैकमेल कांड पर आधारित फिल्म 'अजमेर 92' को लेकर बयान देते हुए खादिमों की संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती के बोल एक बार फिर बिगड़ गए। विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले सरवर चिश्ती का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कहते दिख रहे हैं कि ‘लड़की चीज ही ऐसी है...’। हालांकि इसके बाद से सरवर चिश्ती ने चुप्पी साध ली है। उनसे बात करने का प्रयास किया लेकिन उनका मोबाइल नम्बर बंद आ रहा है। वहीं विवाद के तूल पकड़ता देख सरवर के विदेश जाने की भी चर्चा है।
यह कहते दिख रहे सरवर ...
वायरल वीडियो में सरवर कहते दिख रहे हैं....‘आदमी पैसों से करप्ट नहीं हो सकता, मूल्यों से करप्ट नहीं हो सकता। लड़की चीज ही ऐसी है कि बड़े से बड़ा फिसल जाता है। वो थी न जिनका नाम क्या था...जिनके साथ... क्या नाम है उनका... जो पेड़ के नीचे बैठे थे...विश्वामित्र जैसे भटक सकते हैं। अच्छा जितने भी जो बाबा लोग जेल में हैं। ये सिर्फ वो हैं जो लड़की के मामले में फंसे हैं। यह ऐसा सब्जेक्ट है कि बड़े से बड़ा फिसल जाता है।’
कठोर कार्रवाई की जाए : डिप्टी मेयर
डिप्टी मेयर नीरज जैन ने अंजुमन सचिव सैयद सरवर चिश्ती के वायरल वीडियो पर कहा कि सरवर की टिप्पणी महिलाओं के प्रति उनकी गंदी मानसिकता को दर्शाती है। सरवर महिला को सिर्फ़ उपभोग की वस्तु समझते हैं। यह महिला शक्ति का अपमान है। सरवर ब्लैकमेल कांड के अभियुक्तों को पहले राजनीतिक रसूखात, अब धार्मिक भावना से जोडकर बचाने का षड़यंत्र रच रहे हैं। उनके बयान पर खादिम समुदाय व पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
एनआईए ने की थी पूछताछ
अंजुमन सचिव सरवर चिश्ती पूर्व में भी विवादित बयान और पीएफआई कनेक्शन को लेकर विवादों में रह चुके हैं। उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद अजमेर में मौन जुलूस के दौरान भड़काउ तकरीर देने और उसके बाद लगातार विवादित बयानबाजी पर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेन्सी (एनआईए) उनसे घंटों जयपुर बुलाकर पूछताछ कर चुकी है। सरवर को एनआईए ने पाबंद भी किया था।
बयान के लिए पद से इस्तीफा दें
सरवर चिश्ती के बयान को लेकर खादिम शमी अली, श्मशाद जमाली, खुर्शीद, एस. टी. हुसैन व अन्य ने शुक्रवार को अंजुमन सैयद जादगान के सदर सैयद गुलाम किबरिया को ज्ञापन सौंपा। खादिमों ने कहा कि वर्ष 92 में अजमेर में हुई घटना निंदनीय थी। इसे दरगाह से नहीं जोड़ना चाहिए। हमेशा की तरह सचिव सरवर चिश्ती के बड़बोलेपन की आदत ने कौम को नुकसान पहुंचाया है। उन्हें इस बयान के तहत अपने ओहदे से इस्तीफा देना चाहिए। खासतौर पर महिलाओं के लिए दिया गया बयान निंदनीय है। ऊंचे ओहदे पर बैठे व्यक्ति को गैर जिम्मेदाराना बयान से बचना चाहिए।
Published on:
10 Jun 2023 04:48 am
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