2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Assembly : अस्थि रोग विभाग महज 6 चिकित्सकों के भरोसे

स्वीकृत हैं 15 पद : सरकार नहीं मान रही ट्रोमा सेंटर में कोई कमी

less than 1 minute read
Google source verification
rajasthan vidhan sabha

rajasthan vidhan sabha

अजमेर. अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने 6 अस्थि रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के भरोसे जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय के अस्थि रोग विभाग एवं ट्रोमा सेंटर में सभी चिकित्सीय व्यवस्थाएं माकूल होने के सरकार के जवाब को अव्यावहारिक बताया। देवनानी ने कहा कि उनके द्वारा जेएलएन के ट्रोमा सेंटर में चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने एवं व्यवस्थाओं के सुधार के बारे में विधान सभा में एक अतारांकित प्रश्न पूछा था। इसके जवाब में सरकार ने गोलमाल करते हुए आंकड़े प्रस्तुत कर बताया है कि ट्रोमा सेंटर में सर्जरी, निश्चेतन व अस्थि रोग के दो-दो पद स्वीकृत हैं। साथ ही कैज्युल्टी चिकित्सा अधिकारी के भी 2 पद स्वीकृत है। लेकिन वहां कार्यरत चिकित्सकों के जवाब में मेडिकल कॉलेज में कार्यरत चिकित्सक शिक्षकों को ही ट्रोमा सेंटर में रोटेशन से ड्यूटी पर लगाया जाना बताया गया है। उन्होंने कहा कि जेएलएन के अस्थि रोग विभाग में चिकित्सक शिक्षकों के स्वीकृत 15 पदों में से वर्तमान में छह चिकित्सक ही कार्यरत हैं। ऐसे में ट्रोमा सेंटर के साथ अस्थि रोग विभाग में भर्ती मरीजों का इलाज कैसे सम्भव हो पा रहा है, जबकि ट्रोमा सेंटर में अस्थि रोग के स्वीकृत 2 पद भी रिक्त हैं।

कोई मरीज रेफर नहीं

देवनानी ने कहा कि उनके प्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया है कि वर्ष 2018-2019 में जेएलएनएच के ट्रोमा सेंटर में 1854 मरीज भर्ती हुए इनमें से किसी भी भर्ती मरीज को अन्य चिकित्सालय में इलाज के लिए रेफ र नहीं किया गया।

उन्होंने चिकित्सा मंत्री से आग्रह किया कि ट्रोमा सेंटर के वास्तविक हालात प्रश्न के जवाब से मेल नहीं खाते हैं। सरकार को ट्रोमा सेंटर में आने वाले दुर्घटनाओं के गंभीर मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्थाओं के प्रति गंभीरता बरतते हुए शीघ्र ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करनी चाहिए।