
Rajasthan Politics Sachin Pilot Five Big Things Of Jan Sangharsh Yatra
rajasthan politics Sachin Pilot Jan Sangaharsh Padyatra Without Congress Flag: राजस्थान की चिलचिलाती धूप में सियासत की शमशीर म्यानों से बाहर आ गई हैं। जुबानी जंग के बाद सड़क जंग का मैदान बनती नजर आ रही हैं। संघर्ष तो साढ़े चार से तो चला ही आ रहा है। जिला अजमेर जहां के शासक पृथ्वीराज चौहान ने जब तलवार उठाई तो दिल्ली की सियासत को हिलाकर रख दिया था। अब सचिन पायलट भी कुछ इसी अंदाज में सियासत का बिगुल फूंकते नजर आ रहे हैं।
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सबसे बड़ी बात यह है कि सचिन पायलट की आमजन के मुददे भ्रष्टाचार, पेपर लीक सहित अन्य मामलों को लेकर छेड़ी गई जनसंघर्ष यात्रा में कांग्रेस का झंडा गायब है। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के नई सियासत का कहीं ये नया संकेत तो नहीं है। इससे पहले भी सचिन पायलट के जयपुर में हुए एक दिवसीय अनशन में भी कांग्रेस को कोई झंड़ा नहीं दिखाई दिया था।
11 का क्या है खेल?
पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की सियासत में एक नंबर 11 का जबरदस्त खेला नजर आ रहा है। जिस तरह क्रम तय किया गया है। इससे लगता है कि 11 जून जो कि सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि है। उस दिन कोई बड़ा एलान न कर दें। 11 अप्रेल को उन्होंने जयपुर में अनशन किया था। अब 11 मई को ही उन्होंने जनसंघर्ष पद यात्रा भी शुरू कर दी है। वैसे भी एक और एक मिलकर 11 होते हैं। सचिन पायलट किसके साथ मिलकर 11 हो रहे हैं ये तो वक्त बताएगा। आइए तब तक आपको बताते हैं यात्रा की 5 बड़ी बातें जो सचिन पायलट ने कही है...
मजबूत इरादे, अडिग हौसला और हृदय में एक दृढ़संकल्प लेकर मैं निकला हूँ अजमेर की ओर, “जन संघर्ष” यात्रा का आरंभ करने-सचिन पायलट
यह युवाओं की हुंकार है,
भ्रष्टाचार पर प्रहार है,
जन संघर्ष यात्रा में चलने को,
हमारा राजस्थान तैयार है।
-सचिन पायलट
जनता के हक में, जनता के हितों की लड़ाई के लिए आज अजमेर में जन संघर्ष यात्रा का आगाज किया-सचिन पायलट
जनता के हक में जन संघर्ष यात्रा के आगाज को लेकर कई लोगों ने मुझे मई के इस चिलचिलाती धूप का हवाला दिया। मेरा यही कहना है कि "राजनीति एक आग का दरिया है, ओर इसे तैर कर ही पार करना होगा" -सचिन पायलट
पिछले 45 सालों से मेरा परिवार जनसेवा के लिए राजनीति में है, हमारी निष्ठा एवं ईमानदारी पर विरोधी भी उंगली नही उठा सकते है -सचिन पायलट
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मचे घमासान में निकली इस यात्रा को लेकर आनंद बक्शी का लिखा और गुलाम अली का गाया गीत मौंजू हो जाता है...
चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला
मुझे इस शहर की गलियों का बंजारा बना डाला
मेरे मालिक, मेरा दिल क्यूँ तड़पता है, सुलगता है
तेरी मर्ज़ी, तेरी मर्ज़ी पे किसका ज़ोर चलता है
यही आग़ाज़ था मेरा, यही अंजाम होना था
खुदाया तूने कैसे ये जहां सारा बना डाला
चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला...
Published on:
11 May 2023 06:21 pm
