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आरएएस परीक्षा-2016: इस ऑर्डर ने बढ़ाया आरपीएससी का सिरदर्द, टिकी सबकी निगाहें

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अजमेर

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raktim tiwari

•

Updated: 6 Oct 2018, 7:21 AM IST

RAS exam 2016

RAS exam 2016

अजमेर.

आरएएस-2016 मुख्य परीक्षा को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश का राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्ययन करेगा। इस मामले में विधिक राय ली जाएगी। जरूरत पडऩे पर शीर्ष अदालत में अपील की जाएगी।

दरअसल 2012 की आरएएस भर्ती में आबकारी विभागीय कर्मचारियों के 14 पद थे। दो पदों पर नियुक्ति के बाद 12 पद खाली रहे। नियमानुसार इन खाली पदों को आरएएस भर्ती-2016 में शामिल करना था। लेकिन आयोग ने ऐसा नहीं किया। राजस्थान प्रशासनिक एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2016 के तहत मुख्य परीक्षा पिछले साल हुई थी। इसका परिणाम भी आयोग जारी कर चुका है। आबकारी विभाग के पदों को समायोजित नहीं करने पर हाईकोर्ट ने आयोग को नए सिरे से भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी करने को कहा है।

करेंगे अध्ययन, लेंगेविधिक राय

आयोग ने हाईकोर्ट के फैसले का अध्ययन करने की योजना बनाई है। हाईकोर्ट के फैसले की प्रति मिलने के बाद विधिक राय ली जाएगी। मालूम हो कि आरएएस भर्ती-2016 के तहत 725 अभ्यर्थियों को नियुक्तियों का इंतजार है। तकनीकी अड़चनों और याचिकाओं के चलते एक साल से नियुक्ति का अता-पता नहीं है।

वो मुद्दा भी सिरदर्द

आरएस प्री. परीक्षा स्तर पर 15 गुणा से अधिक सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा से बाहर रखने के मामले में भी राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश दिया था। इसमें मामले में खंडपीठ ने आदेश दिया था कि आरएएस भर्ती नियमों के तहत 15 गुणा अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा के लिए बुलाए जाएं। प्रारंभिक परीक्षा के लिए परिणाम के स्तर पर 15 गुणा से अधिक सफल घोषित अभ्यर्थियों की अलग सूची बनाई जाए। इनमें से चयन के लिए सफल होने वालों को नियुक्ति नहीं दी जाए। हालांकि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में विशेष याचिका लगाई है।

हाईकोर्ट के फैसले का अध्ययन किया जाएगा। विधिक राय भी ली जाएगी। इसके बाद फुल कमीशन जो फैसला करेगा उसकी पालना करेंगे।
पी. सी. बेरवाल, सचिव राजस्थान लोक सेवा आयोग

अक्टूबर में गायब हुई गुलाबी ठंडक

शहर के मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। दस साल पहले तक अक्टूबर में गुलाबी ठंडक दस्तक दे देती थी, लेकिन अब तेज धूप और गर्मी सताने लगी है। अक्टूबर में भी पंखे, कूलर और एसी चलाने पड़ रहे हैं। कम बारिश और बढ़ते तापमान के कारण ऐसी स्थिति बनी है।

सितम्बर में बरसात खत्म होते ही सुबह-शाम हल्की गुलाबी ठंडक मौसम में दस्तक देती है। कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दिवाली मनाने तक मौसम में ठंडापन हो जाता है। लेकिन पिछले दस साल में शहर का मौसम चक्र बदलता जा रहा है। अक्टूबर शुरू हो चुका है। लेकिन मौसम में ठंडापन नहीं है। जेठ और आषाढ़ की तरह धूप में चुभन बनी हुई है। केवल रात को मामूली सी ठंडक होने लगी है।