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राजस्थान की इस जेल में फिर शुरू हुआ वसूली का खेल

सलाखों के पीछे से मोबाइल पर बातचीत और बरामदगी की वारदातों के बाद यहां फिर से बंदियों से सुविधा शुल्क वसूली का खेल शुरू हो चुका है।
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अजमेर

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Manish Singh

Apr 21, 2019

Recovery game in Ajmer central jail again

ajmer central jail

विचाराधीन बंदी पिता-पुत्र को धमकाया, बंदी की पत्नी ने सिविल लाइन्स थाने में दर्ज करवाया मुकदमा

मनीष कुमार सिंह

अजमेर. सेंट्रल जेल अजमेर में बंदियों से वसूली का खेल फिर से शुरू हो चुका है। विचाराधीन की बंदी की पत्नी ने मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने दो जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके अनुसंधान शुरू कर दिया है।

पुलिस के अनुसार किशनगढ़ ढाणी पुरोहितान निवासी कांता देवी पत्नी भैरूलाल रेगर ने शिकायत दी कि मुल्जिमान की ओर से प्रार्थिया के केन्द्रीय कारागृह जिला अजमेर में विचाराधीन बंदी पति भैरूलाल व पुत्र को डरा धमकाकर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने धमका कर उनसे रकम की डिमांड की। पीडि़ता ने रिपोर्ट में अजीत और योगेश को नामजद किया है। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया। प्रकरण में अनुसंधान दीवान अवधेश कुमार कर रहे है।
खाते में डलवाए 4 हजार

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि आरोपी योगेश व अजीत ने जेल में विचाराधीन बंदी भैरूलाल, उसके पुत्र को धमका कर वसूली के लिए राजी किया। उन्होंने उसकी पत्नी परिवादिया कान्तादेवी को एक बैंक का खाता नम्बर दिया। जिसमें पीडि़ता ने चार हजार रुपए की रकम डाली। पुलिस बैंक खाता, आरोपी अजीत और योगेश की पड़ताल में जुटी है।

कौन है अजीत-योगेश

पुलिस का जांच विशेष है कि अजीत-योगेश कौन है? यह दोनों जेल में सजायाफ्ता बंदी है जिन्हें जेल सेवा में लगाया गया है या जेल के कर्मचारी है। पुलिस अजीत व योगेश की कुंडली खंगालने में जुटी है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी कई मर्तबा अजमेर सेन्ट्रल जेल में चलने वाले वसूली के खेल को उजागर किया जा चुका है।

पत्रिका ने किया था उजागर

पत्रिका टीम ने 2 साल पहले अजमेर सेंट्रल जेल में बंदियों से होने वाले वसूली के खेल को स्टिंग ऑपरेशन के जरिए उजागर किया था। जेल के बाहर मीट शॉप से जेल के भीतर तक चलने वाली व्यवस्था उजागर होने पर जेल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए वसूली के खेल में शामिल छह बंदियों की जेल बदलकर वसूली के खेल पर अंकुश लगाया था।