
bor solar plant
अजमेर. राजस्व मंडल में अफसरों की लापरवाही के चलते पिछले दो साल से स्थापित नहीं हो सके 120 किलोवाट के सोलर पावर प्लांट के मामले में मंडल अध्यक्ष राजेश्वर सिंह ने नाराजगी जताई है। अध्यक्ष ने रजिस्ट्रार को इस मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में जो भी बाधाएं हैं उन्हें तुरंत निस्तारित किया जाए। गौरतलब है कि राजस्व मंडल में मुफ्त में लगने वाला और प्रति यूनिट मौजूदा दर से आधी दर पर बिजली उपलब्ध करवाने वाले इस प्लांट की स्थापना में टेंडर की भाषा हिन्दी में नहीं होने और विवाद के मामले में न्याय क्षेत्र अजमेर नहीं होना बड़ी बाधा हैं। वहीं रजिस्ट्रार के अनुसार यह मामला उप निबन्धक स्तर पर लम्बित चल रहा है। खास बात यह है कि इस प्लांट की स्थापना पर राजस्व मंडल को कुछ भी खर्च नहीं करना है।
सिर्फ फायदे का गणित. . .
राजस्व मंडल 8.30 रुपए प्रति युनिट की दर से प्रतिमाह 4.25 लाख रूपए बिजली बिल पर खर्च करता है। जबकि सोलर प्लांट से यही बिजली उसे 25 साल तक 4.15 रूपए की दर से मिलेगी। इससे राजस्व मंडल को प्रतिमाह 2 लाख रूपए का फायदा होगा। राजस्व मंडल में जल्द ही नवनिर्मित सेंट्रलाइज वातानुकूलित प्लांट भी चालू होगा इससे प्रतिमाह करीब 6 लाख रूपए का बिल आना तय है। यदि सोलर प्लांट का संचालन शुरु होता है तो इससे प्रतिमाह राजस्व मंडल को 3 लाख रूपए की बचत होगी।
Published on:
14 Aug 2021 05:54 pm
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