
rpsc grievance court
अजमेर.
अदालत में उत्तर कुंजी और अन्य मामलों को कम करने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग में विधिक पूर्व समिति (प्री लिटिगेशन) का गठन होगा। इसमें अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निस्तारण आयोग स्तर पर किया जाएगा। इसमें आयोग के सदस्य, सेवानिवृत्त जज और अन्य शामिल होंगे।
आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा सहित कॉलेज लेक्चरर, स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा, कृषि, कारागार, कनिष्ठ लेखाकार और अन्य भर्ती परीक्षाएं कराता रहा है। कई परीक्षाएं आयोग के लिए सिरदर्द साबित हुई है। उत्तर कुंजी तो कभी मेरिट को लेकर अभ्यर्थियों ने कई बार आयोग के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं लगाई। इसके चलते आयोग को परेशानियां होती रही हैं।
कम होंगे कोर्ट केस
आयोग ने बढ़ते कोर्ट केस को देखते हुए विधिक पूर्व समिति गठन करने का फैसला किया है। इसमें अभ्यर्थियों को बुलाकर उनकी शिकायतें-आपत्तियां सुनी जाएंगी। समिति में आयोग के सदस्य, सेवानिवृत्त जज, उप सचिव अथवा सहायक सचिव स्तर के अधिकारी-कार्मिक शामिल होंगे। अभ्यर्थियों की छोटी समस्याओं का तत्काल निदान होगा। गंभीर मामलों में भी विधिक परामर्श देकर उनका निस्तारण कराने के प्रयास किए जाएंगे। अध्यक्ष दीपक उप्रेती इस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुके हैं।
अपनाएंगे यूपीएससी मॉडल
संघ लोक सेवा आयोग प्रतिवर्ष आईएएस एवं अन्य भर्ती परीक्षाएं कराता है। इसके पेपर और उत्तर कुंजी के खिलाफ याचिकाएं कम लगती हैं। इसमें चार-पांच स्तर पर विशेषज्ञ पेपर, उत्तर कुंजी, मेरिट, अभ्यर्थियों के अंक और परिणाम को जांचते हैं। देश में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रणाली मॉडल मानी जाती है। राजस्थान लोक सेवा आयोग भी इसी पैटर्न को अपनाने का पक्षधर है।
Published on:
13 Mar 2019 09:44 am
