29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

RPSC: कमेटी ने सुने 31 केस, अब यूं मिलेगी राहत

प्री-लिटिगेशन कमेटी ने की मामलों की सुनवाई । पांच प्रकरणों को आगामी बैठक में रखने का फैसला किया गया।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 3 Jun 2019, 8:14 AM IST

pre litigation committee

pre litigation committee

अजमेर.

अदालत में बढ़ते मामलों को लेकर राजस्थान लोक सेवा आयोग में गठित प्री.लिटिगेशन कमेटी की तीसरी बैठक हुई। इसमें 31 प्रकरणों पर चर्चा कर उनका निस्तारण किया गया। तीन प्रकरणों में अभ्यर्थी व्यक्तिगत सुनवाई के लिए पहुंचे। पांच प्रकरणों को आगामी बैठक में रखने का फैसला किया गया।

प्रत्येक भर्ती परीक्षा से पहले आयोग विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन आवेदन लेता है। कई अभ्यर्थी शैक्षिक दस्तावेज अधूरे लगाते हैं। इन बिन्दुओं के आधार आयोग को आवेदन निरस्त करने पड़ते हैं। कई अभ्यर्थी न्यायालय में याचिकाएं लगाते हैं। आयोग ने ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए डॉ. शिवसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में प्री.लिटिगेशन कमेटी गठित की है। कमेटी की तृतीय बैठक पिछले दिनों हुई। बैठक में कमेटी अध्यक्ष डॉ. राठौड़, विधिक सलाहकार अश्विनी विज, संयुक्त सचिव दीप्ति शर्मा उप विधि परामर्शी अनिल गुप्ता मौजूद रहे।

इन प्रकरणों पर हुई चर्चा
कमेटी के समक्ष 31 प्रकरण रखे गए। इनमें द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018, आरएएस परीक्षा-2018, कनिष्ठ लेखाकार, तहसील राजस्व लेखाकार परीक्षा-2013, सहायक वन संरक्षक एवं वन रेंज अधिकारी ग्रेड प्रथम परीक्षा से जुड़े मामले शामिल थे। कमेटी ने त्रुटि संशोधन, प्राथमिकता क्रम में बदलाव, वर्ग परिवर्तन, आरक्षण, पुनर्मूल्यांकन सहित अन्य प्रकरणों की सुनवाई कर निस्तारण किया। मालूम हो कि 1 मई को आयोजित कमेटी की पहली बैठक में 52 और 10 मई हुई बैठक में 37 प्रकरण की सुनवाई की गई थी।