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संत वाणी….मृत्यु को सुधारने का एक मात्र साधन श्रीमद्भागवत कथा

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the bhgvada geta

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अजमेर.

मानव को कभी जीवन में अहंकार नहीं करना चाहिए। यह बात फागी वाले रमेश महाराज ने गीता कॉलोनी में साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महोत्सव में कही।

उन्होंने वामन अवतार की कथा सुनाते हुए कहा कि राजा बलि को बड़े दानवीर होने का अहंकार हो गया था। प्रभु वामन अवतार लेकर राजा बलि के द्वार पहुंचे। उन्होंने तीन पग भूमि दान स्वरूप मांगी। बलि ने अपने अहंकार में कहा नादान बालक दान मांगना भी नहीं आता। छोटी सी जमीन की जगह कुछ और मांग लेता। तब प्रभु ने कहा मुझे तीन पग भूमि ही चाहिए। बलि की अनुमति ने प्रभु ने पहले कदम से पृथ्वी, दूसरे कदम से आकाश नाप लिया। तीसरा कदम रखने की बात बलि ने अपना सिर झुका लिया।
यह कथा बताती है, कि मानव को प्राणी मात्र से अहंकार नहीं करना चाहिए।

इस दौरान सूर्यवंश की कथा के दैारान राम जन्मोत्सव एवं चन्द्र वंश की कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। स्वागतम कृष्णा.., कन्हैया झूले पलना...,जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी..., नन्द के आनन्द भयो... भजन पर श्रोता झूम उठे। शुक्रवार को भागवान की माखन लीला, बाल लीला का वर्णन होगा। छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। मुख्य आयोजक सुखदेव प्रसाद, राजेन्द्र कुमार वर्मा, अशोक टांक-इन्दू टांक, राजेन्द्र-सोनल, ओमप्रकाश, नाथूलाल, द्वारका प्रसाद मंगल और अन्य मौजूद थे।

जीवन जीने की कला सिखाती श्री रामचरित मानस

श्री रामचरित मानस जीवन जीने की कला सिखाती है। यह बात श्री निम्बार्कगोपीजनवल्लभ सेवा समिति के तत्वावधान में निम्बार्ककोट मन्दिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पवन कुमार शास्त्री ने कही। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत गुणों का समूह है। मृत्यु को सुधारने का एक मात्र साधन श्रीमद्भागवत कथा है। इसके श्रवण मात्र से सांसारिक मनुष्य मुक्ति पा जाता है।

श्री रामचरित मानस जीवन जीने की कला बताता है। मृत्यु को सुधारना है तो श्रीमद्भागवत कथा का आश्रय लेना आवश्यक है। निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्री श्यामशरण देवाचार्य सहित कई संत-महात्मा मौजूद थे। बुधवार को राजा परिक्षित जन्म, कर्म मुक्ति, विदुरक संवाद, कपिल देव भूति, सति अनुसूईया और चरित्रों की कथा सुनाई जाएगी। समिति सचिव अशोक तोशनीवाल, आनंद भंसाली और अन्य मौजूद थे।