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जाको राखे साइयां…. दो साल की मासूम को मौत के मुंह से निकाला

खेत पर खुले बोरवेल में गिर गई थी बालिका, प्रशासन व एनडीआरएफ की टीम ने दो पांच घंटे बाद जिंदा निकाला, कैमरे में करीब 70 फीट की गहराई पर बच्ची रोती हुई फंसी आई नजर
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जाको राखे साइयां.... दो साल की मासूम को मौत के मुंह से निकाला

जाको राखे साइयां.... दो साल की मासूम को मौत के मुंह से निकाला

अजमेर/थांवला. यदि भाग्य अच्छा है तो संकट भी आपके पक्ष का हो जाएगा। नाउम्मीद भी उम्मीद में बदल जाती है। तभी तो यह कहावत ‘मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है ’ नागौर जिले के थांवला कस्बा समीप माधोकी ढाणी में चरितार्थ हुई। यहां स्थित एक खेत में बोरवेल का गड्ढा खुला पड़ा था। सोमवार शाम दो साल की बालिका खेलते समय गहरे गड्ढे में गिरकर नीचे जा फंसी।

घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। गांव में राहत व बचाव के तत्काल संसाधन मुहैया नहीं थे। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर प्रयास भी किए,लेकिन मिट्टी ढहने के भय से रिस्क लेना उचित नहीं समझा। बाद में स्थानीय प्रशासन व एनडीआरएफ की टीम ने दो पांच घंटे बाद बालिका को जिंदा बाहर निकाल लिया। घटना शाम करीब चार बजे की थी। रात सवा नौ बजे उसे सकुशल बाहर निकालना किसी चमत्कार से कम नहीं था। तभी तो कहा जाता है कि...जाको राखे साइयां मार सके ना कोय...।

रेत व कंकर बारिश से धंसे

ग्रामीणों ने बताया कि सूखे पड़े बोरवेल को पहले रेत एवं कंकड़ डालकर बन्द किया गया था, लेकिन पिछली बारिश के बाद पानी के साथ रेत नीचे धंस गई। इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। इसके चलते गड्ढा खुला रहा। हादसे के बाद साथी बच्चों ने शोर मचाया तो खेत में काम कर रहे मजदूर भाग कर मौके पर आए। बालिका के पिता कमाल सिंह को भी जानकारी दी गई।

घटना के बाद परिजन विलाप करने लग गए। घटना सोमवार शाम करीब 5 बजे की है। बालिका झुंझुन कंवर के बोलवेल में गिरते ही ग्रामीणों की मौके पर भीड़ जुट गई। पंचायत व तहसील प्रशासन को इत्तला दी गई। पुलिस भी पहुंची। बाद में रेस्क्यू टीम को बुलाने का निर्णय किया।

खुदाई में बरती सावधानी

थानाधिकारी दीनदयाल वैष्णव के अनुसार मामले की नजाकत देखते हुए ग्रामीणों की भीड़ को मौके से दूर किया गया। जेसीबी से गड्ढे के पास समान्तर खुदाई शुरू कराई गई। अजमेर की एनडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया। मिट्टी खुदाई के समय रेत ढहने की आशंका के चलते सावधानी बरती गई।

70 फीट गहरे गड्ढे में रोती दिखी बालिका

इधर, डेगाना डिप्टी नविता खोखर, तहसीलदार विवेक झांझडिया, नायब तहसीलदार रामेश्वर लाल गढ़वाल, पटवारी रामनिवास बोराणियां सहित मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने बोरवेल में कैमरा डाला तो करीब 70 फीट की गहराई पर बच्ची रोती हुई फंसी नजर दिखी। बचाव कार्य के तहत बच्ची के पास करीबन 30 फीट की जेसीबी से गड्ढ़ा खोदा गया। रेस्क्यू टीम बचाव कार्य में जुटी रही। सूचना मिलने पर नागौर के पुलिस अधीक्षक डॉ. विकास पाठक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार कस्वा व पादूकलां, डेगाना, पीलवा तथा थांवला के थानाधिकारी मौके पर पहुंचे।

पांच घंटे की मशक्कत के बाद निकाला

बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ की टीम ने कैमरे की सहायता से लोहे की रॉड के सहारे शिंकजा अंदर डाला। करीब सवा घंटे तक मशक्कत करने पर बच्ची उस शिकंजे में अटक गई, जिसे रॉड के सहारे ऊपर खींचा गया। बाहर आने पर बच्ची सकुशल थी। उसे तत्काल उपचार के लिए अजमेर भेज दिया गया।