
scam in ajmer
अजमेर.
श्री श्वेताम्बर स्थानकवासी नानक जैन श्रावक संघ लाखन कोटड़ी अजमेर के 12 पूर्व पदाधिकारियों सहित 15 जनों के खिलाफ दायर प्राथमिकी की जांच अब स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) जांच करेगा। संघ के पदाधिकारियों ने दरगाह थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पूर्व पदाधिकारियों पर धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज बना कर 65 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।
संतोषजनक जांच नहीं होने पर निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया को भी शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया गया था कि दरगाह थाना पुलिस से कतिपय खातों की दोबारा जांच की मांग की गई। गृह मंत्री के आदेश के बाद पुलिस महानिदेशक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच एसओजी से कराने के आदेश जारी कर दिए हैं।
ये है मामला :
श्री श्वेताम्बर स्थानकवासी नानक जैन श्रावक संघ लाखन कोटड़ी अजमेर के मंत्री संजय सकलेचा व सहमंत्री गणपत चपलोत ने आरोप लगाया कि 21 मई 2017 को साधारण सभा की ओर से चुने गए पदाधिकारियों रणजीत मल लोढ़ा, अशोक बोथरा, उमरावमल चौपड़ा, पारसमल कर्नावट, प्रकाश चौपड़ा, सोभागमल सकलेचा, राजेन्द्र वैद,पारसमल, कैलाश गैलड़ा, संतोष टांटिया, अभयमल चौपड़ा व महेन्द्र कुमार से हिसाब का ब्यौरा मांगा लेकिन उन्हें सही हिसाब नहीं दिया गया।
आरोप है कि उक्त पदाधिकारी रहे आरोपितों ने अन्य आरोपित स्वीटी चौपड़ा, विमला चौपड़ा व दीपक चौपड़ा जो संघ के पदाधिकारी नहीं है। धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों के जरिए संघ के खातों से प्रकाश व उसके तीन रिश्तेदार के खातों में 65 लाख रुपए की राशि फरवरी 2018 में स्थानांतरित करा ली। पूर्व कार्यकारिणी भंग हो जाने के बावजूद आरोपितों ने दरगाह बाजार स्थित एसबीआई शाखा से कथित मिलीभगत कर राशि अपने खातों में स्थानांतरित करवा ली।
उक्त राशि को अपराधियों के बीच बांट लिया गया। शिकायत में उक्त कृत्य को अपराध की श्रेणी में मानते हुए राशि खुर्दबुर्द करना, धोखाधड़ी बताते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। शिकायत कर्ता का आरोप है कि नवीन कार्यकारिणी की सूचना बैंक सहित अन्य पदाधिकारियों को भी विधिवत कर दी गई इसके बाद खातों में से लेन देन कर लिया गया।
Published on:
03 Oct 2018 08:52 am
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