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अगर नहीं भूलते इस खास परीक्षा को, होता पूरे राजस्थान में फायदा

इस मामले में यूनिवर्सिटी स्वायत्तशासी संस्थान होने से शिक्षकों की नियुक्तियां खुद करते हैं।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 12 May 2019, 8:44 AM IST

rpsc set exam

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अजमेर.

कॉलेज-यूनिवर्सिटी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अहम समझने जाने वाली राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) को सरकार और अभ्यर्थियों ने भुला दिया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग को सरकार एवं अभ्यर्थियों से कोई मांग नहीं मिली है। इसके चलते तीन साल से प्रदेश में सेट परीक्षा नहीं हुई है।

कॉलेज और यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) कराई जाती रही है। 29 विषयों के लिए यह परीक्षा राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती रही है। आयोग ने अंतिम बार वर्ष 2015 में सेट परीक्षा कराई थी। इसके बाद तीन साल से परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है।

यूजीसी की नेट परीक्षा में रुचि...
मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सहायक आचार्य (लेक्चरर) की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) जरूरी किया है। इसके चलते अभ्यर्थियों की नेट परीक्षा देने में रुचि ज्यादा बढ़ी है। हालांकि नेट उत्तीर्ण करने के बाद भी विद्यार्थियों को संबंधित राज्यों की पात्रता परीक्षा या विषयवार सीधी भर्ती परीक्षा देनी पड़ती है। इसमें उत्तीर्ण होने के बाद ही वे शिक्षक बनते हैं। इस मामले में यूनिवर्सिटी स्वायत्तशासी संस्थान होने से शिक्षकों की नियुक्तियां खुद करते हैं।

मांग पर निर्भर है परीक्षा?
राजस्थान लोक सेवा आयोग की मानें तो तीन साल से अभ्यर्थियों से राज्य पात्रता परीक्षा की मांग नहीं है। सरकार ने भी परीक्षा को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। इसके चलते सेट परीक्षा नहीं कराई गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को प्रदेश की अहम परीक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है।

आयोग ने लिखा था सरकार को पत्र
राज्य पात्रता परीक्षा को लेकर राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ललित के पंवार ने सरकार को पत्र लिखा था। इसमें आयोग पर कामकाज की दबाव होने से पात्रता परीक्षा किसी अन्य संस्था से कराने का आग्रह किया गया। इसके बावजूद सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है। कायदे से राज्य पात्रता परीक्षा किसी विश्वविद्यालय या इसके समकक्ष संस्थान स्तर पर होनी चाहिए। सरकार ने इस पर कभी विचार नहीं किया है।