
english improving scheme
अजमेर. कॉलेज में अंग्रेजी भाषा में बातचीत और लेखन को बढ़ावा देने की योजना का अता-पता नहीं है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने डेढ़ वर्ष पूर्व 235 विद्यार्थियों को कैंंपस एम्बेसेडर चुना था। ना एम्बेसेडर दिखाई दिए हैं, ना योजना पर ध्यान देने का कोई प्रयास हुआ है।
सरकार ने विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा बोलने और लिखने में सहूलियत के लिए हैलो इंग्लिशन एन्ड्रॉइड एप ‘उपेर ’ उपलब्ध कराया। सभी कॉलेज में विद्यार्थियों ने इसमें पंजीकरण भी कराया। कई विद्यार्थियों ने एप से अंग्रेजी बोलना और लिखना सीखा। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने डेढ़ वर्ष पूर्व प्रदेश में 126 कॉलेज को चिन्हित किया। इन कॉलेज के 235 विद्यार्थियों को कैंपस एम्बेसेडर बनाया गया। इसके बाद से अंग्रेजी सीखने-सिखाने की योजना का अता-पता नहीं है।
यूं कार्य करना था कामकाज
चयनित एम्बेसेडर अपने कॉलेज में अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा देना था। इसके तहत उन्हें अन्य विद्यार्थियों को उपेर एप की सहायता से अंग्रेजी भाषा में बातचीत, लेखन और ज्ञानवद्र्धन में सहायता देनी थी। प्रतिवर्ष राज्य स्तर पर 10 श्रेष्ठ टॉपर्स का चयन कर उनका सम्मान भी किया जाना था। पिछले एक साल में कॉलेज में कैंपस एम्बेसेडर की गतिविधियां नजर नहीं आई हैं।
जिले में यह थे शामिल (निदेशालय के अनुसार)
राजकीय कन्या महाविद्यालय-नेहा बिष्ट, नेहा सैनी, लॉ कॉलेज-सुमन मावर, विमल गग्गर, राजकीय महाविद्यालय केकड़ी-शुभम, अजय मालावत, गोविंद सिंह गुर्जर राजकीय महाविद्यालय नसीराबाद-परमेश्वर गुर्जर, निधि देवड़ाएसपीसी-जीसीए-अद्वितीय, कोमलएसडी राजकीय महाविद्यालय ब्यावर-अमित कुमार, पुष्पेद्र सिंह गौड़
Published on:
09 Mar 2019 06:33 am
