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Shameless: यहां सीएम की परवाह नहीं करते अफसर, क्या पूछेंगे आम आदमी को

आवास योजना के तहत आवास निर्माण प्रस्तावित किया था लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में चल गया।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 13 Jul 2018, 8:13 AM IST

housing schemes

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अजमेर

सरकार गरीबों को भले ही सस्ते मकान उपलब्ध करवाने का दावा कर रही हो लेकिन हकीकत इसके उलट है। केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आवास योजना तथा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री जन आवास योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।

इन योजनाओं के तहत न तो कोई प्रोजेक्ट धरातल पर है और न ही कहीं पर जगह ही चिन्हित की गई है। अजमेर विकास प्राधिकरण इन योजनाओं के तहत गरीबों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए भी बिल्डरों के भरोसे है।

हालांकि एक दो प्राइवेट बिल्डरों के ही निर्माण कार्य अब तक शुरु हो पाए हैं। एडीए ने लोहागल कबीर नगर, जेपी नगर, किशनगढ़ के सरगावं, विजयाराजे नगर योजना आदि में मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत आवास निर्माण प्रस्तावित किया था लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में चल गया।

पीएमएवाई शहर में 2016 में सर्वे
प्रधानमंत्री जन आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत शहर में 21 हजार 937 परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए कन्सलटेंट कम्पनी द्वारा वर्ष 2016 में सर्वे किया गया लेकिन अब इसका सत्यापन वर्ष 2018 में किया जा रहा है। इसके बाद आवास निर्माण प्रक्रिया शुरु होगी। कन्सलटेंट फर्म पूर्व में सर्वे कर अजमेर विकास प्राधिकरण को रिपोर्ट दे चुकी है।

अब इस सर्वे का प्राधिकारण रेंडमली परीक्षण (25 प्रतिशत) के लिए कनिष्ठ अभिंयताओं की टीम गठित की गई है । इस टीम को 19 जून तक सर्वे पूरा करना था लेकिन अभी भी सर्वे जारी है। गौरतलब है कि कंसलटेंट फर्म ने वार्डों में 10 हजार 533 तथा स्लम एरिए में 11 हजार 404 सहित कुल 21 हजार 937 परिवारों का सर्वे प्रधानमंत्री जन आवास योजना के लिए किया है।

कम्पनी को सर्वे का कार्यादेश 14 मार्च 2016 को जारी किया गया था। पीएमएवाई ग्रामीण योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में दूसर चरण भी शुरु हो चुका है।

आम आदमी को क्या पूछेंगे
सीएम की जन आवास योजना को ही अफसर तवज्जो नहीं दे रहे। ऐसे में आम आदमी तक लाभ पहुंचना मुश्किल है। मालूम कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक बार कहा था कि केंद्र की योजनाओं का पैसा राज्य और राज्य की योजनाओं का पैसा जनता तक पहुंचते-पहुंचते 75 पैसे भी नहीं रहता है।