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Shopping: आएंगे तीन सर्वार्थ सिद्धी योग, खरीददारी के लिए शुभ

हर दिन प्रॉपर्टी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य वस्तुओं की खरीददारी के लिए शुभ रहेगा।

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shopping festival

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अजमेर.

शारदीय नवरात्र शनिवार से प्रारंभ हो गए हैं। इस बार नवरात्र के दौरान तीन सर्वार्थ सिद्धी योग पड़ रहे हैं। यह खरीददारी और शुभ कार्यों के लिए खास हैं। लोग माता की अराधना के साथ-साथ खरीद-फरोख्त कर सकते हैं। अधिक मास के चलते इस बार शारदीय नवरात्र 25 दिन बाद शुरू हो रहे हैं। इस बार तीन सर्वार्थ सिद्धी योग पड़ रहे हैं।

ये शुभ योग 18, 19 और 23 अक्टूबर को बन रहे हैं। इसमें 18 अक्टूबर को त्रि-पुष्कर योग भी बन रहा है। इस नवरात्र को गुरु और शनि गृह स्वगृही होंगे। यह बहुत शुभदायक माने जाते हैं। सर्वार्थ सिद्धी योग सहित नवरात्र में हर दिन प्रॉपर्टी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य वस्तुओं की खरीददारी के लिए शुभ रहेगा।

अरावली में छुपा है नायाब खजाना, देखकर रह जाएंगे हैरान

रक्तिम तिवारी/अजमेर. नाग पहाड़ और अरावली पर्वतमाला के निकटवर्ती मैदानी इलाके में औषधीय महत्व के कई पौधे और वनस्पति मौजूद है। आम लोग इस खजाने से बेखबर हैं। जिले में कितने औषधीय महत्व के पौधे और वनस्पति मौजूद है, इसके आंकड़ा वन विभाग की दस वर्षीय रिपोर्ट में बंद रहते हैं। जबकि इसे सार्वजनिक किया जाए तो जन जागरुकता बढ़ सकती है।

अरावली पर्वतमाला से जुड़े शास्त्री नगर, कोटड़ा, सराधना, तारागढ़, पुष्कर-अजमेर के बीच नाग पहाड, घूघरा घाटी, बीर, दांता, जतिया, सरवाड़, किशनगढ़, नूरियावास और ब्यावर के के विभिन्न हिस्सों के वन क्षेत्र शामिल हैं। यहां पाए जाने वाले कई पौधों से आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं बनती हैं।

यह पौधे हैं मौजूद
औषधीय-खरणी, कुमठा, अमलताश, आंवला, तुलसी, बेल, देसी बबूल, खैर, एरूंज, धोकड़ा, जूली फ्लोरा, नीम, खेजड़ी चुरैल, करंज, कचनार और अन्य
झाड़ी प्रजाति-डासण, गागण, बेर, पियागण, खरेणा,वज्रदंती, थोर, गुल ए बनफशा।
वृक्ष-खेजड़ी (राज्य वृक्ष), पीपल, नीम और अन्य

लोग नहीं जानते महत्व
आम लोग औषधीय पौधों की पहचान और उनका महत्व नहीं जानते हैं। वज्रदंती का उपयोग टूथपेस्ट में होता है। बापची पौधे निर्मित दवा दिमाग को ठंडा रखती है। इसके फल को रातभर पानी में भिगोने के बाद सुबह दूध के साथ प्रयोग में लिया जाता है। गुल ए बनफशा का भी स्वाथ्य के लिए उपयोग किया जाता है।