
अजमेर. अजमेर स्मार्ट सिटी ajmer smart city के 231 करोड़ के 17 अधूरे काम half-finished project अब अजमेर विकास प्राधिकरणada के सिर डाले जाएंगे। स्मार्ट सिटी के अभियंता प्राइवेट कंपनी को फायदा देने के चक्कर यह अधूरे काम प्राधिकरण को सौंप रहे हैं। स्मार्ट सिटी के आधे-अधूरे कामों को इस स्थिति प्राधिकरण को सौंपा जाना स्मार्ट सिटी के अभियंताओं द्वारा अपने कारनामों को ढकने का प्रयास है। जबकि प्रोजेक्टों के एग्रीमेंट स्मार्ट सिटी ने ठेकेदारों से ही किया है। बिलों का भुगतान भी वही करेगा लेकिन जिम्मेदार से स्मार्ट सिटी के अभियंता अपना पीछा छुड़ा रहे है। इंजीनियरिंग इतिहास में यह पहले प्रोजेक्ट हैं जो निर्माणाधीन अवधि में ही सौंपे जा रहे हैं। जबकि यदि ऐसा करना होता है तो ट्राईपार्टी अनुबंध करना होता है। अभियंता खुद के कारनामों की टोपी एडीए के सिर रख रहे हैं जिससे कि 231 करोड़ रुपए के कामों पर अपना बचाव किया जा सके। आधे-अधूरे कामों को एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया किन नियमों के तहत हो रही है स्मार्ट सिटी के अभियन्ता इस पर मौन है।
जयपुर में टेंडर यहां विस्तार
स्मार्ट सिटी ने पीएमसी को 12.50 करोड़ रुपए में दे रखा था यह ठेका जनवरी 2021 को ही खत्म हो गया है फिर भी अभियंताओं ने 1 साल का एक्सटेंशन दे दिया। जबकि जयपुर स्मार्ट सिटी ने पीएमसी के लिए जनवरी में नया टेंडर किया था। घटिया निर्माण सामग्री व बदहाल प्रोजेक्ट देखे जा सकते हैं। सूचना केन्द्र ओपन एयर थिएटर इसका उदाहरण है। डिजिटल एमबी, अब जिल्द की एमबी
स्मार्ट सिटी के अभियंता पहले ही डिजिटल माप पुस्तिकाएं (एमबी) एवं निविदा से पहले ही शर्ते तैयार कर पहले ही चर्चा में रह चुके। जहां घटिया मेटेरियल इस्तेमाल पर लिए जा रहे हैं इन पर विभाग के अभियंता चुप्पी साधे हैं। अभियंता पहले ही लीपापोती कर सड़के बनाई गई और घटिया डस्ट लगाकर काम करवा दिए गए अब इन सब की जिम्मेदारी एडीए के भरोसे है इसके आदेश बुधवार को जारी कर दिए गए। प्रोजेक्टों पर पहले डिजीटल माप पुस्तिका चल रही थी उन्हें पर अब जिल्द वाली माप पुस्तिका होगी। यह हैरत वाली बात है।
कारनामों को ढकने मे लगे अभियन्ता
स्मार्ट सिटी के अभियंता आधे अधूरे कामों को इस स्थिति में एडीए को सौंपा जाना अपने कारनामों को ढकने के प्रयास है। अभियंता पहले ही लीपापोती कर सड़के बनाई गई और घटिया डस्ट लगाकर काम करवा दिए गए अब इन सब की जिम्मेदारी एडीए के भरोसे होगी इसके आदेश बुधवार को जारी कर दिए गए।नियम कायदे ताक पर अभियंता पहले ही खुद की नियुक्तियों को नियम ताक पर रखे हुए। कुछ अभियंता कोटा में रह कर ही मॉनिटरिंग कर रहे थे फिर भी अजमेर से आर्डर निकाल जा रहे थे।
इनका कहना है
रोड, पाथ-वे सहित अन्य काम हैं इन्हें एडीए को दिया गया है। मीटिंग में तय हुआ है। किन नियमों के तहत यह कार्य दिए जा रहे है इसकी जानकारी नहीं है।
अनिल वियजवर्गीय, मुख्य अभियंता, स्मार्ट सिटी
Published on:
17 Jun 2021 11:31 pm
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