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cancer survivor day special: हिम्मत और हौंसले की कहानी महिला सर्जन की जुबानी, पहले खुद थी कैंसर सर्वाइवर आज कैंसर के मरीजों का करती हूं मैं इलाज

कैंसर एक ऐसी बीमारी जिसका नाम सुनते ही हमारे पैंरो तले जमीन खिसक जाती है। हर साल देश भर में हजारों लोगों की मौत इस खतरनाक बीमारी के कारण हो जाती है।
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story of a cancer survivor lady doctor of ajmer

cancer survivor day special: हिम्मत और हौंसले की कहानी महिला सर्जन की जुबानी, पहले खुद थी कैंसर सर्वाइवर आज कैंसर के मरीजों का करती हूं मैं इलाज

सोनम राणावत /अजमेर. कैंसर एक ऐसी बीमारी जिसका नाम सुनते ही हमारे पैंरो तले जमीन खिसक जाती है। हर साल देश भर में हजारों लोगों की मौत इस खतरनाक बीमारी के कारण हो जाती है। लेकिन अपने मजबूत हौंसलों व समय पर चिकित्सकिय परामर्श मिलने से कई लोगों ने इस बीमारी को हरा कर जीत हासिल की है। आज कैंसर सर्वाइवर डे के मौके पर हमने भी शहर के कई ऐसे लोगों से बात की जिन्होंने अपने मजबूत हौंसले व सकारत्मक सोच के बल पर इस बीमारी को हरा कर मिसाल कायम की

पहले खुद जूझ रही थी अब लोगों को देती हूं चिकित्सा-परामर्श

- मूल रूप से अजमेर की पुलिस लाईन लोहाखान में
रहने वाली डॉ प्रभा ओम जिन्होंने जेएलएन मेडिकल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और अब जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में प्रोफेसर व सर्जन के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने बताया कि 2009 में स्वयं जांच में मुझे महसूस हुआ कि यह ब्रेस्ट कैंसर के हैं ,फिर मैंने तुरन्त सभी आवश्यक टेस्ट करवाकर एक महीने के अन्दर ही कीमो थैरेपी के साथ ही फुल ट्रिटमेंट लेना शुरू किया । मेरा ईलाज नौ महीने तक चला इसके बाद ऑपरेशन करवाया। और आज मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं साथ ही कैंसर के मरीजों का ऑपरेशन व ट्रीटमेंट भी कर रही हूं।

परिवार के सहयोग से जीती जंग- इस खतरनाक बिमारी के चलते कई बार निराश हो जाती थी, लेकिन परिवार के सदस्यों ने ना केवल हौंसला अफजाई की बल्कि हर तरह से मेरा मन बहलाने का हर संभव प्रयास किया। उन सभी के सहयोग से ही मैंने कैंसर जैसी लाईलाज कहे जाने वाली बीमारी को खुद पर हावी नहीं होने दिया।

खतरनाक है पर लाइलाज नहीं-

डॉ प्रभा ने बताया कि यह बीमारी बेहद खतरनाक है हर साल कई लोगों की जान इस बीमारी की वजह से जाती है लेकिन इसका ईलाज समय पर शुरू कर दिया जाए तो अब यह बीमारी लाईलाज नहीं रही । लोगों में कई तरह की भ्रांतियां रहती है जिसके डर से वे डॉक्टर को नहीं दिखाते हैं ,खास तौर से महिलाएं शर्म लिहाज के चलते चिकित्सक से परामर्श लेने में हिचकिचाती है जिससे यह बीमारी विकराल रूप लेकर मौत का कारण बन जाती है।

हर वर्ष इस दिन को करती हूं सर्वाइवर के साथ सेलिब्रेट- डॉ प्रभा ने बताया कि हर साल वह नेशनल कैंसर सर्वाइवर डे को अन्य कैंसर सर्वाइवर के साथ इवेंट के रूप में सेलिब्रेट कर कैंसर के बारे में जानकारी देकर सभी लोगों को जागरूक करना चाहती हूं।

डरे नहीं हिम्मत से लें काम- डॉ प्रभा ने कहा कि लोगों को यह संदेश देना चाहती हूं कि बीमारी के लक्षण दिखते ही डरें नहीं बल्कि डॉक्टर से परामर्श लें जिससे समय रहते इलाज हो सके ।