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student union election: वार रूम में तय होंगे टिकट, स्टूडेंट्स लीडर्स की बढ़ी टेंशन

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अजमेर।

छात्रसंघ चुनाव की घोषणा के साथ भावी नेताओं की निगाहें टिकट पर टिक गई हैं। एनएसयूआई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अधिकृत प्रत्याशियों के अलावा कई विद्यार्थी निर्दलीय ताल ठोकेंगे। इसके अलावा बागी प्रत्याशी भी दोनों छात्र संगठनों की मुसीबतें बढ़ाएंगे।

कॉलेज और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में 31 अगस्त को छात्रसंघ चुनाव होंगे। चुनाव तिथि घोषित होते ही छात्र-छात्राओं की सक्रियता बढ़ गई है। तकरीबन सभी संस्थाओं में मुख्य मुकाबला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई में ही दिख रहा है। लेकिन कहीं-कहीं निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों की मौजूदगी से सिरदर्द बढऩा तय है।

प्रत्याशियों के लिए माथापच्ची
एनएसयूआई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव के प्रत्याशी ढूंढना आसान नहीं है। इसको लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की चुनाव कमान विभाग संगठन मंत्री सोहन शर्मा सहित भाजपा नेता और परिषद के उच्च पदाधिकारी संभालेंगे। वहीं एनएसयूआई की चुनाव कमान जिलाध्यक्ष नवीन सोनी सहित पूर्व जिलाध्यक्षों और कांग्रेस नेताओं के हाथ में रहेगी।

टिकट के लिए ठोकी ताल

छात्रसंघ चुनाव में कॉलेज और विश्वविद्यालय में कई छात्र-छात्राओं ने जबरदस्त ताल ठोकी है। जहां मदस विश्वविद्यालय में लोकेश गोदारा, पंकज रुलानिया, हेमंत धनवानी, ईश्वर धवल और शिवनेश सिंह जादौन और अन्य टिकट की दौड़ में है। वहीं सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में राजपाल जाखड़, पियूष सिवासिया, लोकेश कुमार, शयंक यादव, दयानंद कॉलेज में श्याम सुंदर, विक्रम सिंह राठौड़, प्रदीप और अन्य छात्र ताल ठोकने के मूड में है। लॉ कॉलेज में रचित कच्छावा, धर्मेन्द्र सिंह बाज्या, राजकीय कन्या महाविद्यालय में हर्षा रावत, स्वस्ति आर्य, काजल बागडी़, पूजा जांगिड़ और अन्य छात्राएं मैदान में उतर सकती हैं।

नेताओं ने दिखाया दमखम
कॉलेज और विश्वविद्यालय में छात्रनेताओं और भावी प्रत्याशियों ने दमखम दिखाना शुरू कर दिया है। कहीं तिलक कर मतदाताओं (विद्यार्थियों) को रिझाया गया तो कहीं विजिटिंग कार्ड-पेम्फ्लेट बांटकर और कक्षाओं में संपर्क किया गया। इसके अलावा सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय में कैंटीन, टी-स्टॉल, छात्रावास और अन्य स्थानों पर खास 'वार रूमÓ तैयार किए गए हैं। छात्रनेता और भावी प्रत्याशी यहां बैठकर मतदान होने तक रणनीति बनाने में जुट गए हैं।