
पुष्कर के उत्तराखंड धर्मशाला में राहत सामग्री का अवलोकन करतीं उपखंड अधिकारी देविका तोमर।
पुष्कर (अजमेर). लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों के लिए भामाशाहों व विधायक फंड से जुटाई गई खाद्य सामग्री वितरण का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी रिपोर्ट मांगी है। राहत सामग्री वितरण को लेकर भाजपा व कांगे्रस दोनों ही सियासी पार्टियों की आेर से वितरण में भेदभाव व कालाबाजारी करने के आरोपों के बीच सोमवार की शाम उपखंड अधिकारी देविका तोमर ने कस्बे की उत्तराखंड धर्मशाला में जाकर वहां पर रखी खाद्य सामग्री का मिलान किया तथा पात्रों को बंटवाने के निर्देश दिए।
पुष्कर में विधायक सुरेश सिंह रावत के विधायक फंड के तीन लाख रुपए तथा भामाशाहों के सहयोग से खाद्य सामग्री एकत्र करके पात्र जरुरतमंदो में बंटवाने के मकसद को लेकर नगर पालिका के ईओ अभिषेक गहलोत ने आटे के कट्टे, मिर्च मसाले धर्मशाला में रखवा दिए थे।
मिले पात्र परिवारों को
जरुरतमंदों के लिए एकत्र राहत सामग्री वितरण का मामला भाजपा व कांगे्रस दोनों की पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। कांग्रेस पार्षद ओमप्रकाश ने मुख्यमंत्री कार्यालय में फोन से शिकायत करके राशन सामग्री वितरित नहीं करने तथा कालाबाजारी का आरोप लगाया। सोमवार को कांगे्रसी पार्षदों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपकर प्रत्येक पात्र परिवार को समान रूप से सामग्री देने की मांग की है। वहीं भाजपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य आेमप्रकाश पाराशर ने भी ईओ को ज्ञापन सौपा। इसमें कांग्रंेसी पार्षदों की आेर से पालिका ईओ पर दबाव बनाकर चहेतों को राहत दिलाने का आरोप लगाया तथा पात्र परिवारों को ही राहत देने की मांग की।
इनका कहना है
लॉकडाउन में जरूरतमंदों के लिए प्राप्त राहत सामग्री वितरण को लेकर शिकायतें मिलने के बाद सामग्री की जांच की गई। स्टॉक मिलान करके निष्पक्ष रूप से बंटवाने के निर्देश दिए गए हैं।
- देविका तोमर, उपखंड अधिकारी पुष्कर
भाजपा कांगे्रस की खींचतान में नहीं बंट रही खाद्य सामग्री
पुष्कर . विधायक सुरेश सिंह रावत के विधायक फंड के तीन लाख एवं भामाशाहों की ओर से उपलब्ध कराए गए करीब एक हजार से भी अधिक खाद्य सामग्री के पैकेट भाजपा-कांगे्रस की आपसी खींचतान के चलते जरूरतमंदों को नहीं बांटे जा सके और चार दिन से ताले में बंद पड़े हैं। इसको लेकर विधायक रावत ने भी नाराजगी व्यक्त की है।
नगर पालिका प्रशासन ने विधायक फंड से मिले तीन लाख रुपए से जयपुर से करीब डेढ़ लाख रुपए के सूखी खाद्य सामग्री के 370 पैकेट मंगवा लिए थे। इसमें मिर्च मसालों के साथ पांच किलो आटा के पैकेट हैं। इसी बीच विधायक रावत ने केवल आटे के कट्टे बांटने की लिखित में स्वीकृति दे दी। पालिका प्रशासन ने शेष डेढ़ लाख रुपए से दस-दस किलो के करीब 590 आटे के कट्टे मंगवा लिए। दाधीच सेवा ट्रस्ट की ओर से दो सौ कट्टे आटे के दिलाए गए। इस प्रकार करीब डेढ़ हजार खाद्य सामग्री के पैकेट एकत्र हो गए हैं।
चहेतों को बंटवाने के आरोप
वहीं भाजपा व कांग्रेस दोनों की पार्टियों के पार्षद अपने अपने चहेतों को राहत दिलाने के आरोप लगा रहे हैं। पालिका ईओ गहलोत ने दोनों पार्टियों के वार्ड पार्षदों से जरुरतमंदों की सूचियां मांगी हैं। सूची में शामिल लोगों की स्क्रूटनी के बाद पात्र लोगों को ही राशन वितरित किया जाएगा।
Published on:
14 Apr 2020 05:01 am
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