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दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पैर फिसलने पर लूणी नदी में डूबने से 3 की मौत, 1 गंभीर

कोड गांव के युवा कर रहे थे दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन, गोताखोरों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाले शव

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दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबने से तीन की मौत, एक गंभीर

थांवला। लूनी नदी में डूबने से घायल हुए युवक का इलाज करते चिकित्सक।

मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबने से तीन की मौत, एक गंभीर


थांवला (नागौर). थांवला थाना क्षेत्र के कोड गांव की लूणी नदी में सोमवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबने से तीन युवकों की मौत हो गई तथा एक एक को स्थिति गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद अजमेर रेफर कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव में विराजमान माता की मूर्ति को विसर्जन से पूर्व नदी के किनारे रखा गया था। प्रतिमा विसर्जन के दौरान रामदेव पुत्र तारूराम धानका, रवि रेदास पुत्र पुखराज, सेठू उर्फ रामनिवास पुत्र खेमाराम रेगर एवं पवन पुत्र गिरधारी रेदास पैर फिसलने पर प्रतिमा सहित नदी में डूब गए। ग्रामीण पुखराज पुरी, पारसमल जाट, रामनिवास सहित जनप्रतिनिधियों ने हादसे की सूचना पुलिस व प्रशासन को देकर मौके पर बुलाया। थानाधिकारी दीनदयाल वैष्णव जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। उधर, रियांबड़ी से एनडीआरएफ के गोताखोरों को भी मौके पर बुलाया। गोताखोरों ने युवकों की तलाशी शुरू की। सबसे पहले रामदेव को बाहर निकाला एवं अन्य की तलाशी जारी रखी। करीब एक घण्टे की मशक्कत के बाद रवि रेदास, सेठू उर्फ रामनिवास एवं पवन को खोज निकाला। थांवला के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराने के बाद चिकित्सक प्रकाश चौधरी ने सेठू, पवन एवं रवि को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तीनों के शव मोर्चरी में रखवाकर परिजन को घटना की जानकारी दी।