रक्तिम तिवारी/अजमेर.
केंद्र सरकार देश में डिजिटल कामकाज (digital work) को बढ़ावा देने में जुटी है, लेकिन प्रदेश के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में ऐसा होता नहीं दिख रहा। विद्यार्थियों (students) को लाइनों में धक्के खाने, फीस जमा कराने जैसी मुसीबतें परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। इनके दस्तावेजों का डिजिटल डाटा बैंक अब नहीं बन सका है।
केंद्र सरकार की ‘राष्ट्रीय अकादमिक संग्रहण केंद्र’ (नेशनल एकेडेमिक डिपॉजिटरी) योजना के तहत सभी उच्च (higher), तकनीकी (technical), प्रबंधन (management) और अन्य संस्थानों को दस्जावेजों का डिजिटल डाटा बैंक तैयार करने हैं। यह बैंक में रुपए रखने जैसी प्रणाली है। इसके तहत विद्यार्थियों के स्नातक/स्नातकोत्तर और अन्य पाठ्यक्रमों की डिग्री, डिप्लोमा, अंकतालिकाएं, प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज डिजिटल प्रारूप में 24 घंटे ऑनलाइन (online documents)उपलब्ध रहेंगे। विद्यार्थी फीस देकर इनका ऑनलाइन प्रिंट ले सकेंगे।
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कोड दिए, नहीं हुआ काम
अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण के पोर्टल (portal) पर सभी संस्थाओं को विशिष्ट कोड दिए गए। कोड में संबंधित यूनिवर्सिटी और कॉलेज का पूरा डाटा (dayta preserve) संरक्षित रहना है। लेकिन संस्थानों ने डिजिटल वॉलेट नहीं बनाए हैं। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को यू-०४०८, एसपीसी-जीसीए को सी–२९१०२, लॉ कॉलेज को सी-२९१०६, राजकीय कन्या महाविद्यालय को सी-२९१०८, संस्कृत कॉलेज को सी-२६१४४, डीएवी कॉलेज को सी-१३०७७, आयुर्वेद नर्सिंग कॉलेज को को सी-२६२४२ कोड दिया गया है।
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संस्थाओं-विद्यार्थियों को ये फायदे…
-विद्यार्थियों को 24 घंटे मिल सकेंगे डिजिटल दस्तावेज
-संस्थानों को ई-पेमेन्ट या ई-चालान से मिलेगा शुल्क
-भर्ती परीक्षाओं, नियुक्तियों के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन आसान
-सभी सूचनाएं मौजूद रहेंगी पोर्टल पर देश में उच्च/तकनीकी शिक्षण संस्थान
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यूं कैसे बनेंगे स्मार्ट..
संस्थान डिजिटल वॉलेट, डाटा बैंक बनाने में पीछे हैं। विद्यार्थियों को लाइनों में लगने, फीस जमा कराने में धक्के खाने पड़ रहे हैं। उन्हें ऑनलाइन फीस जमा कराकर डिजिटल दस्तावेज निकालने की सुविधा नहीं है। ऐसा तब है जबकि कॉलेज (colleges) और विश्वविद्यालय (universities) खुद को मौजूदा दौर में स्मार्ट बताते हैं।
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फैक्ट फाइल….
राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटी-800
केंद्रीय विश्वविद्यालय-50
कॉलेज-45 से 47 हजार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-25
भारतीय प्रबंधन संस्थान-20
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी-22
अध्ययनरत विद्यार्थी-6 करोड़ 7 लाख(स्त्रोत-यूजीसी)