छात्रसंघ चुनाव में हार के बाद मचा घमासान, एनएसयूआई में आई ये नौबत

छात्रसंघ चुनाव में हार के बाद मचा घमासान, एनएसयूआई में आई ये नौबत

raktim tiwari | Publish: Sep, 16 2018 09:53:00 AM (IST) Ajmer, Rajasthan, India

www.patrika.com/rajasthan-news

अजमेर.

छात्रसंघ चुनाव में मिली हार के बाद एनएसयूआई में घमासान मचा है। एक तरफ एनएसयूआई के अजमेर प्रभारी ने जिलाध्यक्ष पद से हटाने का पत्र जारी किया। दूसरी तरफ जिलाध्यक्ष ने प्रभारी के खिलाफ ही कार्रवाई होने का दावा किया है।

छात्रसंघ चुनाव में कई कॉलेज और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में एनएसयूआई को हार का सामना करना पड़ा। कई जगह प्रत्याशियों को मनमाने ढंग से टिकट भी बांटे गए। अधिकृत प्रत्याशियों के बजाय निजी स्तर पर कई विद्यार्थियों को चुनाव में उतारा गया। इसको लेकर एनएसयूआई के सर्वोच्च पदाधिकारियों के पास शिकायतें भेजी गई।

टिकट वितरण में लापरवाही
उमेश डूडी ने पत्रिका को बताया कि छात्रसंघ चुनाव 2018 अजमेर में जिला अध्यक्ष नवीन सोनी की अनुपस्थिति एवं टिकट वितरण में लापरवाही की गई। इसको ध्यान में रखते हुए उनको तुरन्त प्रभाव से जिलाध्यक्ष कार्यभार से मुक्त किया गया है। संगठन को सुचारू रूप से प्रगति देने वास्ते कुलदीप चौधरी जिला उपाध्यक्ष एवं धीरज सैनी जिला उपाध्यक्ष को सम्मिलित कार्यवाहक जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

डूडी को ही हटाया....

जिलाध्यक्ष नवीन सोनी ने पत्रकारों को बताया कि डूडी सिर्फ चुनाव प्रभारी थे। इस नाते उन्हें मुझे उठाने का कोई अधिकार नहीं है। इसके उलट खुद डूडी को ही प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने पद से हटा दिया है

आप नहीं दे रहे हमारा हक, हम भी नहीं करेंगे आपका काम

सातवां वेतनमान नहीं मिलने के विरोध में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कर्मचारी पेन डाउन हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेताया कि जल्द फैसला नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कामकाज ठप किया जा सकता है।

मंत्रालयिक कर्मचारी संघ अध्यक्ष दिलीप शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों के कार्मिकों का सातवें वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया है। वित्त विभाग की अदूरदर्शिता से कर्मचारी अपने वाजिब हक से वंचित हैं। सरकार ग्यारह महीने से कोई फैसला नहीं कर पाई है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है।

प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में पैन डाउन हड़ताल रखी गई है। सरकार ने सातवें वेतनमान को लेकर फैसला नहीं किया तो सभी विश्वविद्यालयों में अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ होगा।

ना दस्तावेज बने...

पेन डाउन हड़ताल से विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। तीन दिन से विश्वविद्यालय में डुप्लीकेट अंकतालिका, सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं बने। विभागों में पत्रावलियां अटकी रही। कर्मचारियों ने पत्रावलियों पर पेन नहीं चलाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष दुर्गेश भारद्वाज, प्रवक्ता गोपाराम, संयुक्त सचिव सुरेंद्र कुमावत, सहायक कर्मचारी संघ अध्यक्ष गुट्टाराम सेन ने संबोधित किया।

 

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