
पानी में बुझ गए कुल के दीपक
कादेड़ा ( अजमेर ) .
वे आमदिनों की तरह जंगल में बकरियां चराने गए थे। बालासागर तालाब पर दोनों नहाने लगे और गहरे पानी में चले गए। आज का यह स्नान उनकी जलसमाधि बन गया। और तालाब से निकलीं तो उनकी लाश। इस हादसे ने जहां दो मासूमों को अकाल ही काल के गाल में समा दिया, वहीं घर के ये दीपक हमेशा-हमेशा के लिए बुझ गए।
दोनों संतान के लिए इस तरह अचानक दुनिया से चले जाने पर परिवार पर तो जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आस-पास के ग्रामीण सांत्वना देते नजर आए, लेकिन परिजन को रोता बिलखता देख एकबारगी उनकी भी रुलाई फूट पड़ी।
प्रान्हेड़ा निवासी छोटूलाल भील के पुत्र दुर्गालाल (12) व बजरंगलाल (09) शुक्रवार को बकरियां चराने के लिए घर से निकले थे। देर शाम तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजन ने आस-पास उनकी तलाश शुरू की। उन्हें बालासागर तालाब की पाल पर बच्चों के कपड़े व चप्पल पड़ी मिलीं।
दोनों भाइयों के तालाब में डूब जाने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू करवाया, जो रात्रि 11 बजे तक चला। शनिवार सुबह 5 बजे से दोबारा तलाशी अभियान शुरू किया गया। तलाशी में सिविल डिफेंस अजमेर टीम, आस-पास के गोताखोर समेत 50 से अधिक लोग लगे रहे।
बीस घंटे से ज्यादा समय तक चले तलाशी अभियान के बाद सिविल डिफेंस टीम ने तालाब के दूसरे छोर पर कीचड़ में फंसे दोनों भाइयों के शवों का पता लगा लिया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दुर्गालाल व बजरंगलाल के शव मिल गए। सिविल डिफेंस की टीम ने शवों को निकालकर केकड़ी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
केकड़ी के राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी मेें पोस्टमार्टम के बाद बच्चों के शव परिजन के सुपुर्द कर दिए। तलाशी अभियान के दौरान सरपंच लाडदेवी खटीक, समाजसेवी घीसालाल चन्देल, रामचन्द्र डांगा, धनराज सिंह राठौड़, जाकिर सैयद, वार्डपंच अखिलेश प्रजापत समेत कई ग्रामीण मौके पर डटे रहे।
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नहीं जले चूल्हे
तालाब में दो भाइयों के डूबने से कस्बे के भील मोहल्ले में शुक्रवार शाम से ही माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के विलाप व शोक में डूबे रहने से मोहल्ले में चूल्हे नहीं जले। वहीं अपनी दोनों संतान को खो देने माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
Published on:
27 Mar 2022 02:26 am
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