
स्वर्ण-प्राशन की 'दो ड्राप बदलेगी आपके ब'चों की जिंदगी, बढ़ाएगी रोग प्रतिरोधक क्षमता
धौलपुर. अब जिले में भी ब"ाों को विलक्षण प्रतिभाओं का धनी बनाने के लिए आयुर्वेद विभाग की ओर से स्वर्ण प्राशन की ड्रॉप पिलाई जाएगी। जिससे ब"ाों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर विकृतियों को दूर किया जा सके। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। एक आयुर्वेद केन्द्र से पुष्य नक्षत्र में दवा पिलाने की शुरूआत की जा रही है। इसके बाद पूरे जिले में प्रत्येक आयुर्वेद चिकित्सालय में शुरू किया जाएगा। जिससे ब"ाों में कमजोरी को दूर किया जा सके।
क्या है स्वर्णप्राशन
स्वर्ण प्राशन संस्कार का उल्लेख कश्यप व सुश्रुत संहिताओं में भी वर्णित है। यह प्राचीन समय से ही आयुर्वेद इम्यूनाइजेशन का कार्य कर रहा है। पुरोन समय माता-पिता अपने ब"ो के जन्म के बाद जीभ पर चांदी या सोने की सिलाई से 'ऊंÓ लिखते थे। लेकिन अब यह संस्कार विलुप्त हो गया है। इसके उपयोग से ब'चों की शारीरिक, बौद्धिक क्षमता विकास के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। जिसका मुख्य घटक स्वर्ण भस्म है। इसके साथ ही गौघृत, शहद ब्राह्मी, शंखपुष्पी, मंडूकपर्णी, Óयोतिषमति, गिलोय, वचा आदि औषधियों से निर्मित किया जाता है। स्वर्ण प्राशन हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से एक है।
स्वर्ण प्राशन कैसे और कब देना है ...
स्वर्ण प्राशन को पुष्य नक्षत्र वाले दिन 0 से 16 वर्ष तक के ब'चों को कराया जाता है। पुष्य नक्षत्र वाले दिन स्वर्ण की औषधीय शक्ति सर्वाधिक होने से विशेष रूप से लाभकारी होती है। पुष्य नक्षत्र पर पिलाने से इस ड्रॉप के विशेष चमत्कार देखने को मिलते हैं। क्योंकि इस दिन ग्रहों की शक्तियां Óयादा होती है। पुष्य नक्षत्र हर महीने में एक बार आता है, इसलिए पुष्य नक्षत्र पर अ'छे परिणाम के लिए कम से कम छह बार यह ड्रॉप पिलानी चाहिए।
स्वर्ण प्राशन के लाभ
कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए ब'चों को स्वर्ण प्राशन ड्राप बहुत ही फायदेमंद है। आयुर्वेद का उद्देश्य स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा की जाए, ताकि रोग ही ना हो। स्वर्ण प्राशन भी इसी कड़ी में कार्य करने वाली उत्तम औषधि है। - यह ब'चों की रोग प्रतिरोधक शक्ति एवं बुद्धि तथा सर्वांगीण विकास करता है।
- ब'चों के पाचन तंत्र की क्रिया को सम्यक करता है, जिससे भूख बढ़ती है।
- ब'चों की मेधा, बुद्धि, स्मृति, एकाग्रचित्तता का विकास होता है।
- इसके सेवन से ब'चों को सर्दी, जुकाम, मौसमी बीमारियों से बचने में सहायक है।
- स्वर्ण प्राशन सामान्य व असामान्य शिशुओं में शारीरिक व मानसिक वृद्धि में सहायक है।
- इसको चिकित्सकीय सलाह से पूरे महीने भी प्रयोग किया जा सकता है।
- इसका प्रयोग पूर्णता दुष्प्रभाव रहित है।- आचार्य वाग्भट (अष्टांग हृदय) के अनुसार स्वर्ण प्राशन करने वाले शिशु पर घातक रसायन भी प्रभाव हीन होता है।
रिसर्च...
पीजीआई लखनऊ एवं सेंटर फॉर बायोमेडिकल रिसर्च के वैज्ञानिकों के शोध में पुष्टि हुई है कि स्वर्णप्राशन से इम्यून सेल्स टी एवं बी सेल में वृद्धि हुई, जो कोरोना या दूसरे संक्रमण से रक्षा करती है। साथ ही इसके लेने का कोई भी दुष्प्रभाव नहीं हुआ। स्वर्ण प्राशन ड्राप की मात्रा ब'चों की आयु के अनुसार चिकित्सक के निर्देशानुसार दी जाती है।
यहां से होगी शुरुआत ...
स्वर्ण प्राशन पिलाने की शुरुआत जिले के राजकीय आयुर्वेद औषधालय कासिमपुर से शुरू होगी। 11 जुलाई प्रात: 8 से 11 बजे तक ब'चों में रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने एवं सर्वांगीण विकास के लिए निशुल्क स्वर्ण प्राशन ड्रॉप पिलाई जाएगी।
इनका कहना है ...
स्वर्ण प्राशन की कासिमपुर से शुुरुआत की जा रही है। यह ब"ाों के लिए बहुत फायदेमंद है। ड्रॉप से ब"ाों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने तथा विभिन्न संक्रमण से बचाने के लिए यह शुुरुआत की जा रही है।
डॉ. विनोद गर्ग, आयुर्वेद चिकित्सा प्रभारी, कासिमपुर तथा संभागीय समन्वयक, आयुर्वेद विभाग, धौलपुर।
इनका कहना है
जिले में स्वर्णप्राशन पिलाने की शुरुआत की जा रही है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। माता-पिता को अपने ब"ाों को यह ड्रॉप पिलानी चाहिए। डॉ. अनिल चंसोरिया, उपनिदेशक, आयुर्वेद विभाग, धौलपुर।
Published on:
07 Jul 2021 12:45 am
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