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UGC: स्टूडेंट्स की सुलझाएं शिकायतें, बनाएं ग्रीवेंस सेल

शहरी-ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में विद्यार्थियों के पास तकनीकी सुविधाएं नहीं हैं।
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ugc order for institutions

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अजमेर.

कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते यूजीसी ने सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों को ग्रीवेंस सेल बनाने को कहा है। इसमें विद्यार्थियों की शैक्षिक, कॅरियर और अन्य शिकायतों का ऑनलाइन समाधान किया जाएगा।

कोविड-19 वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के चलते देश के केंद्रीय और राज्यों के विश्वविद्यालय एवं कॉलेज बंद हैं। ज्यादातर संस्थानों में विद्यार्थियों की परीक्षाएं अटकी हैं। इनमें वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं शामिल हैं। हालांकि उच्च शिक्षण संस्थानों ने ऑनलाइन कक्षाएं कराई हैं। ई-कंटेंट, वीडियो अपलोड किए हैं। फिर भी कई शहरी-ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में विद्यार्थियों के पास तकनीकी सुविधाएं नहीं हैं।

विद्यार्थियों की कई परेशानी
25 मार्च से लगातार विभिन्न चरणों में लॉकडाउन जारी है। कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी परीक्षा, प्रवेश, पढ़ाई और कैंपस प्लेसमेंट को लेकर चिंतित हैं। किताबों की अनुपलब्धता, कॅरियर, चयन प्रशिक्षण जैसी समस्याएं भी कायम हैं।


गठित करें ग्रीवेंस सेल
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेज को 30 मई तक ग्रीवेंस सेल गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा राज्य सरकारों को भी टास्क फोर्स गठित करने को कहा गया है। प्रो. जैन ने विद्यार्थियों की शैक्षिक, कॅरियर समस्याओं का त्वरित समाधान करने का आग्रह किया है।

जुलाई के बजाय सितम्बर में सत्र
हरियाणा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आर. सी. कुहाड़ कमेटी ने देश के सभी विश्वविद्यालयों में जुलाई के बजाय सितम्बर में सत्र 2020-21 शुरू करने की सिफारिश की है। वर्तमान की स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षा में देरी के चलते यह सिफारिश की गई है। हालांकि यह केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।


कोरोना से बढ़ा संकट, सम्बद्धता देने में होगी देरी

रक्तिम तिवारी/अजमेर. कोरोना वायरस संक्रमण ने शिक्षण संस्थानों की परेशानी बढ़ा दी है। सीबीएसई और राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए स्कूल-कॉलेज को सम्बद्धता देना आसान नहीं है।

सत्र 2020-21 में ऑनलाइन फार्म, फीस लेने के बाद निरीक्षण जैसी औपचारिकताएं को समय पर पूरा करना चुनौती है।सीबीएसई, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राज्य के विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष नई अथवा अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज को सम्बद्धता देते हैं। स्कूल और कॉलेज निर्धारित फीस देकर ऑनलाइन आवेदन करते हैं। बोर्ड और विश्वविद्यालयों की टीम इनका निरीक्षण कर सम्बद्धता के लिए अनुशंषा करती है। बोर्ड और यूनिवर्सिटी एक या दो सत्र की एकमुश्त सम्बद्धता जारी करते हैं।