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‘मैं गरीब हूं इसलिए नहीं मिल रहा न्याय, मैं मरना चाहती हूं’

दहेज प्रताडऩा से परेशान महिला ने मांगी इच्छामृत्यु, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
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Upset with dowry Woman sought euthanasia

‘मैं गरीब हूं इसलिए नहीं मिल रहा न्याय, मैं मरना चाहती हूं’

नसीराबाद (अजमेर). गोदाम मंडी क्षेत्र निवासी एक महिला ने राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी को संबोधित पत्र तहसीलदार को देकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। गोदाम मंडी निवासी शिवकरण की पुत्री चम्पा ने राष्ट्रपति को प्रेषित पत्र में बताया कि वह एक बदनसीब महिला है। जहां इस देश में सरकार नारी की सुरक्षा के लिए वह हर मुमकिन प्रयास कर रही है और सख्त से सख्त कानून बनाए गए हैं फिर भी थानों में धक्कों के सिवाय उसे कुछ नहीं मिला। उसने पत्र में बताया कि चार वर्ष पूर्व उसकी शादी राममालिया गांव निवासी प्रेमचंद रैगर से हुई थी। लेकिन प्रेमचंद ने शादी के कुछ दिन बाद ही उससे मारपीट और दहेज प्रताडऩा शुरू कर दी प्रतिदिन पिता से दहेज में रुपए लाने की बात कहकर प्रेमचंद उससे मारपीट करता है।

चंपा ने बताया कि पेशे से मजदूर उसका पिता मिस्त्री का कार्य करता है। उसके पिता ने कर्ज लेकर उसकी शादी की थी इसलिए उसने चार माह तक अपने पीहर में किसी को कुछ नहीं कहा। लेकिन एक दिन प्रेमचंद यह कहकर उसे पीहर छोड़ गया कि वह अजमेर जाकर आ रहा है। तब से अब तक उसके पति ने उसकी सुध भी नहीं ली है। उसने इस बात को लेकर प्रशासन व सरकार के जगह-जगह शिकायत कर दरवाजे खटखटाए। लेकिन उसकी दरख्वास्त किसी ने नहीं सुनी।

सभी ने उसकी मजबूरी का हर मुमकिन फायदा उठाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं पुलिस ने मामले को शांत करने के लिए उसका कुछ दहेज का सामान दिलवा दिया। लेकिन उसके जेवरात अभी भी उसके पति के पास ही हैं। उसे तो यह भी नहीं पता कि उसका केस कहीं दर्ज भी है या नहीं। उसने पत्र में बताया कि वह एक गरीब परिवार से है इसलिए उसकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। पत्र में उसने जाहिर किया कि वह अब पूरी तरह से तंग आ चुकी है और माता-पिता पर बोझ नहीं बनना चाहती। वह बहुत दिनों से मानसिक अवसाद में है। पत्र में चंपा ने इच्छा मृत्यु की इजाजत देने की मांग की है।