
चुनाव के बाद खो जाते है, समाधान के वादे
अजमेर. लोकसभा के चलते लोगों में जगह-जगह चुनावी चर्चाएं आम हो गई है। राजस्थान पत्रिका के मुद्दा अभियान के तहत गुरुवार को लोगों की राय जानी। लोगों का मानना है कि चुनाव आते है चले जाते है। लेकिन प्रमुख समस्याओं के समाधान नहीं हो पाते है।
युवा अरूण एल्बर्ट ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न दल अपनी-अपनी ओर से रोजगार के आंकड़े जारी करते है। लेकिन धरातल पर वह नजर नहीं आते है। लोकतंत्र का मतलब है लोगों के लिए लेकिन लोगों का महत्व चुनावों के दौरान ही दिखता है। ईश्वर राजोरिया ने कहा कि समय-समय पर चुनाव तो आ जाते है। चुनावों के साथ समस्याओं के साथ वादे भी आते है। लेकिन समस्याएं ज्यों की त्यों बनी रहती है। मेरे हिसाब में निचले क्षेत्रों में पानी की निकासी एक प्रमुख मुद्दा है। स्मार्ट सिटी का ड्रेनेज सिस्टम भी स्मार्ट होना चाहिए। रफीक कुरेशी ने कहा कि पानी प्रमुख मुद्दा है। इस बार तो अभी से ही किल्लत शुरू हो गई है। इस समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए जयपुर को दिया जाने वाला पानी रोका जाना चाहिए। उधर आगरा गेट स्थित सब्जी मण्डी में व्यापारियों और आमजन ने भी पानी की समस्या का स्थाई समाधान को प्रमुख मुद्दा बताया। इस दौरान संतोष टेलर, संजय यादव, पवन चितौडय़ा सहित चेन्जमेकर व वॉलेन्टियर उपस्थित थे।
Published on:
11 Apr 2019 11:25 pm
