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PICS: ये है जिंदगी की हकीकत, ना पेड़ की छाया नसीब ना दो बूंद पानी

आमजन की तकलीफ को दूसर करने के प्रयास नाकाफी है।

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drinking water crsis

ग्रामीण इलाकों में हालात वास्तव में खराब हो रहे हैं।

water crisis

दो बूंद पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।

drinking water problem

सरकार और जिला प्रशासन चुनाव में व्यस्त है।

poor facilities

नरेगा योजना में श्रमिकों को छाया तक नसीब नहीं हो रही।

poor facilities

सरकार और जिला प्रशासन चुनाव में व्यस्त है।

poor facilities

स्थिति दिनोंदिन बिगड़ रही है।