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राजस्थान के इस शहर में पानी के लिए बच्चों को भी लगानी पड़ती है दौड़

किशनगढ़ में गंभीर पेयजल संकट भुगतने को मजबूर हैं शहरवासी, हैंडपंप पर लगानी पड़ती है पानी के लिए कतार

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water crisis in kisangarh

राजस्थान के इस शहर में पानी के लिए बच्चों को भी लगानी पड़ती है दौड़

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर).

नगर के नया शहर गुमानसिंह गेट के पास क्षेत्र में बड़ों के संग बच्चों को भी पानी भरना पड़ता है। क्षेत्र में पानी की किल्लत के चलते बच्चों को बड़ों के साथ पानी के लिए जुटना पड़ता है। यहां के क्षेत्रवासी पानी के लिए हैंडपंप पर अधिक निर्भर हैं।

नया शहर गुमानसिंह गेट के पास के क्षेत्रवासियों को अपने घरों के लिए पानी हैंडपंप से भरना पड़ता है। इस काम में बच्चों को भी बड़ों के साथ लगना पड़ता है। सुबह-शाम हैंडपंप पर पानी भरने वालों और अन्य कार्यों के लिए संख्या अधिक रहती है। कई क्षेत्रवासी कपड़े धोने का कार्य भी हैंडपंप पर ही करते हैं।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस क्षेत्र में 4 से 5 दिन में जलापूर्ति की जाती है और कम दबाव से होने के कारण आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं हो पाती है। पेयजल के अलावा अन्य घरेलू कार्यों के लिए पानी की जरूरत बनी रहती है। गर्मी का मौसम आने के कारण पानी की आवश्यकता कई गुना बढ़ गई है।और कोई चारा नहीं

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यहां पानी की समस्या काफी समय से बनी होने के बावजूद इसका हल नहीं किया गया है। गर्मी में क्षेत्रवासियों की समस्या बढ़ जाती है।

इस बारे में कई बार जलदाय विभाग को समस्या के बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।यहां पानी की समस्या काफी समय से बनी हुई है। पानी कम आने के कारण हैंडपंप से ही पानी भरना पड़ता है।

- सायरा

पानी कम आने के कारण परेशानी बनी हुई है। इस क्षेत्र में लोग हैंडपंप के ही भरोसे रहते हैं।

- गुलजार बानो