6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यहां पौराणिक काल से लबालब रहता था पानी, कलियुग में तरस गए एक बूंद को

www.patrika.com/rajastan-news
less than 1 minute read
Google source verification
water crisis in pushkar

water crisis in pushkar

पुष्कर.

कस्बे में 120 घंटे के अन्तराल में जलापूर्ति के कारण पानी के लिए हाहाकार मचने लगा है। पेयजल संकट से त्रस्त लोगों ने मेला मैदान के पम्प हाउस पर सहायक अभियंता एस. के. माथुर का घेराव किया। साथ ही पेयजल वितरण व्यवस्था जल्दी ठीक नही होने पर बड़ा आन्दोलन करके काला मुंह करने तथा चूडिय़ां पहनाने की चेतावनी दे डाली।

पुष्कर में पेयजल का संकट दिनोदिन गहराता जा रहा है। जलापूर्ति का अन्तराल 120 घंटे तक चला गया है। पुष्कर के दो जोन के कई हिस्सों में बुधवार 120 घंटे यानी पांच दिन में जलापूर्ति होगी। जल संकट को लेकर पूरे कस्बे में त्राहि त्राहि मचती जा रही है।

गंगा माई मंदिर, रेगर मोहल्ला सहित दो जोन के गोपाल तिलानिया, पूर्व पार्षद हरीश धौलपुरिया आदि लोगों ने मेला मैदान स्थित जलपम्प पर सहायक अभियंता एस. के. माथुर का घेराव किया तथा काला मुंह करने व चूडिय़ां पहनाने की चेतावनी दे डाली। लोगों ने पेयजल व्यवस्था शीघ्र दुरुस्त नहीं होने पर बड़े आन्दोलन की चेतावनी दी।

पुरोहित संघ ने की अधिकारियों से मुलाकात : पेयजल संकट को लेकर श्री तीर्थ गुरु पुष्कर पुरोहित संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष लाडूराम शर्मा के प्रतिनिधि के रूप में गोविन्द पाराशर विमल पाराशर ने जल विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता पी. एल. वर्मा ने भेंट कर जल संकट दूर करने की मांग की।

सूखने लगा है सरोवर

जल की कमी से पुष्कर सरोवर का जलस्तर भी गिरने लगा है। पुरोहित संघ ने भी टयूबवैल के जल को पुष्कर सरोवर में डालने की मांग की है।
पुष्कर में दो जोन में बुधवार को 120 घंटे के अन्तराल में जलापूर्ति की जाएगी।

- एस. के. माथुर, सहायक अभियंता जलदाय विभाग