6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Weather Report: निकली धूप, बनी हुई है मौसम में ठंडक

रसात और ओलावृष्टि के असर से सुबह ठंडक भी कायम है।
2 min read
Google source verification
cool weather in ajmer

cool weather in ajmer

अजमेर. तीन दिन तक बादल छाने और बरसात के बाद शनिवार को धूप निकली है। बरसात और ओलावृष्टि के असर से सुबह ठंडक भी कायम है।

पिछले तीन दिन से जिले में मौसम बदला हुआ है। कई इलाकों में बरसात, ओलावृष्टि और हवा संग अंधड़ भी आया। आसमान में दो दिन बादल मंडराते दिखे। शनिवार सुबह से मौसम सामान्य है। खुलकर धूप निकल गई है। बरसात और ओलावृष्टि के चलते अजमेर, किशनगढ़, ब्यावर, मांगलियावास, गगवाना, घूघरा और आसपास के इलाकों में हल्की ठंडक भी कायम है।

तापमान में कायम उतार-चढ़ाव
अप्रेल के शुरुआत से तापमान में उतार-चढ़ाव कायम है। 1 से 15 अप्रेल तक तापमान 35 से 39 डिग्री तक पहुंच गया था। अप्रेल के दूसरे पखवाड़े में भी तापमान 37 डिग्री तक बना हुआ है। हालांकि बरसात और बादल छाने से यह 20 से 23 अप्रेल को नीचे लुढकऱ 32 से 34 डिग्री के बीच कायम है।

Read More: कमजोर बच्चे के लिए रेलवे ने 57 घंटे में उड़ीसा पहुंचाया ऊंटनी का दूध

बाकी हैं मई-जून
गर्मी के लिहाज से तपाने वाले मई और जून अभी बाकी है। इस दौरान पारे का ग्राफ 40 से 46 डिग्री तक पहुंच जाता है। खासतौर पर जून में नौ तपा में सबसे ज्यादा गर्माहट होती है। लू के थपेड़े परेशान करते हैं। मालूम हो कि 19 मई 2016 को अजमेर का तापमान 46.5 डिग्री रहा था। यह 50 साल में सबसे गर्म दिन था।


जहां रहता था प्रदूषण, नसीब हुई अब साफ हवा

अजमेर. कोरोना लॉक डाउन से शहर की धडकऩ भले थम गई हो पर पर्यावरण की दृष्टि से यह फायदेमंद साबित हुआ है। खासतौर पर स्टेशन रोड-मदार गेट पर कई साल बाद साफ हवा नसीब हो रही है।

लॉक डाउन के कारण 32 दिन से आम जनजीवन प्रभावित है । शहर और इसके आसपास दुकानेंए कारखानेए होटल बन्द हैं। लेकिन यह प्रकृति के लिए बेहद सुखद साबित हुआ है। बीते तीन सालों में सबसे साफ हवा शहर वासियों को नसीब हो रही है।

Read More: अजमेर में प्रशासनिक लापरवाही: सेम्पल लेकर घरों में कर दिया क्वारंटाइन

रहता थी धूल और काला धुआं
स्टेशन रोड और मदार गेट शहर का ह्रदय स्थल है। यहां आम दिनों में करीब 20 से 25 हजार दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया वाहनों की आवाजाही रहती थी। वाहनों से निकलने वाले धुंए से एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 से 125 तक रहता था।

साफ हुई इलाके की हवा
22 मार्च को जनता कफ्र्यू और इसके बाद से जारी लॉक डाउन ने इस क्षेत्र के पर्यावरण को बदल दिया है। यहाँ अब एयर क्वालिटी इंडेक्स 43 से 45 के बीच रहने लगा है।