6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Result : माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को क्यों बंद करनी पड़ी थी मैरिट, यह है वजह

-विवादों से लिया सबक, इसलिए तीन साल से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड जारी नहीं कर रहा मैरिट -राज्य में प्रथम दस स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों की होती थी घोषणा
2 min read
Google source verification

अजमेर.
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान RSEB की ओर से राज्य के प्रथम 10 स्थानों पर आने वाले विद्यार्थियों की Result की योग्यता सूची जारी करने की परम्परा बंद कर दी गई है। शिक्षा बोर्ड की मैरिट में स्थान पाने के लिए विद्यार्थियों सहित विद्यालयों में भी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा रहती थी। चार वर्ष पूर्व एक ही स्कूल के 17 विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय योग्यता सूची में आने की घटना से उठे विवादों और पुलिस जांच के बाद बोर्ड ने बरसों पुरानी अपनी इस परम्परा को बंद कर दिया है।


शिक्षा बोर्ड प्रति वर्ष बारहवीं विज्ञान, वाणिज्य, कला वर्ग सहित दसवीं की राज्य स्तरीय सहित जिला स्तरीय योग्यता सूची जारी करता था। इस सूची में स्थान पाने के लिए विद्यार्थियों के अलावा निजी स्कूल संचालकों के बीच व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा बढऩे लगी। चार वर्ष पूर्व ही एक निजी विद्यालय संचालक द्वारा परीक्षक को अपने विद्यालय के विद्यार्थियों को मनमाफिक अंक देने के लिए प्रलोभन देने और धमकाने की घटना सामने आने के बाद बोर्ड की मेरिट में फिक्सिंग के खेल का संदेह पैदा हो गया था।

एक ही स्कूल के 17 विद्यार्थी मेरिट में-
2015 में शिक्षा बोर्ड की दसवीं मेरिट जारी होते हुए पूरे राज्य में बवाल मच गया। वजह यह थी इस लिस्ट में एक ही निजी विद्यालय के 17 विद्यार्थी शामिल थे। नकल अथवा फिक्सिंग की संभावना को देखते हुए बोर्ड ने दूसरे दिन ही इस योग्यता सूची पर रोक लगा दी। बोर्ड ने इस विद्यालय के सभी विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं को वापिस जंचवाया। विवाद बढ़ता देख शिक्षा बोर्ड ने इसकी जांच का जिम्मा पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी ) को सौंपा। हालांकि जांच के बाद किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई।

2016 से बंद हो गई मैरिट-
बहरहाल, योग्यता सूची को लेकर लगातार विवादों के बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बरसों से चली आ रही इस परम्परा को 2016 से बंद कर दिया है। शिक्षा बोर्ड अब अपने किसी भी परीक्षा के परिणाम के साथ राज्य एवं जिला स्तरीय योग्यता सूची जारी नहीं करता।