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अब महिलाएं यहां अजमाना चाहती हैं भाग्य, पुरुषों को मिलने वाली है जबदस्त चुनौती

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womens in state politics

womens in state politics

सोनम राणावत/अजमेर.

राजनीति के क्षेत्र में आज भी महिलाएं पुरूषों के समान नहीं है। कहने को हमारी मुख्यमंत्री भले ही महिला है लेकिन जिले में कई सीटें ऐसी है जहां से अभी भी लोगों को महिला प्रतिनिधित्व का इंतजार है। आज के इस आधुनिक युग में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरूषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं लेकिन राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं कि स्थिति अभी भी पुरूषों की तुलना में बेहद खराब है।

जिले में विधानसभा चुनावों में महिला प्रत्याशियों को दावेदारी देने के मामले में भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दल ना केवल कंजूसी बरत रहे हैं ,बल्कि हालात इस कदर है कि अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आज तक दोनों ही पार्टियों ने महिला को टिकट नहीं दिया है।

तीस प्रतिशत आरक्षण का अता पता नहीं

प्रदेश में 200 विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम 50 से 60 महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए लेकिन आज महिला विधायक कितनी हैं किसी से छिपा नहीं है।

यह हो सकते हैं कारण

हार का डर- किसी भी महिला प्रतिनिधि को टिकट देने से पहले आलाकमान को संदेह रहता है कि जीत हासिल हो होगी या नहीं ऐसे में पार्टी की हार के डर से महिलाओं को टिकट मिलने की संभावना कम रहती है। ऐसे में पार्टी के पास पुरूष दावेदारों के अलावा दूसरा कोई चारा नही होता ।

पुराने नेताओं की अपने क्षेत्र में अच्छी पकड़-

कई वर्षों से राजनीति में सक्रिय नेताओं को ही टिकट मिलना आसान रहता है क्यों कि राजनीति में कई सालों का अनुभव भी पुराने नेताओं की दावेदारी को मजबूत करता है । इसलिए महिलाओं की स्थिति राजनीति के क्षेत्र में पुरूषों से पिछड़ी हुई।

सोशल सर्किल में महिलाएं पीछे-
महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों का सोशल सर्किल अधिक विस्तृत होता है इससे पुरूषों का अधिक से अधिक लोगों से जुड़ाव रहता है जिससे उन्हें राजनीति से संबंधित कई जानकारियां लोगों से मिलती रहती हैं। जबकि महिलाओं का सोशल सर्किल पुरूषों की एवज में कम देखने को मिलता है।

इन महिलाओं को मिले हैं अब तक टिकट

अजमेर दक्षिण-अनिता भदेल (भाजपा-तीन बार जीत), भगवती देवी (कांग्रेस-हार)मसूदा- सुशील कंवर पलाड़ा (भाजपा-एक बार जीत) नीलिमा (कांग्रेस-हार)पुष्कर-नसीम अख्तर (कांग्रेस-एक बार जीत-एक बार हार), प्रभा मिश्रा (कांग्रेस-तीन बार जीत), सूरज देवी (कांग्रेस-जीत)केकड़ी-जमुना सोलंकी (कांग्रेस-एक बार हार, एक जीत) भगवती देवी (कांगे्रस-हार), रिंकू कंवर (भाजपा-हार)ब्यावर-चन्द्रकांता मिश्रा (क ांग्रेस-हार)किशनगढ़-प्रभा ठाकुर (कांग्रेस-हार)नसीराबाद-सरिता गैना (उपचुनाव में) (भाजपा-हार)

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