5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शरीर में प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है योग

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान एवं योग के समन्वय से समग्र स्वास्थ्य संभवर, राजस्थान मेडिकल शिक्षक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन
less than 1 minute read
Google source verification
शरीर में प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है योग

शरीर में प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है योग,शरीर में प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है योग,शरीर में प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है योग

अजमेर. विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के जीवन वृति कार्यकर्ता दीपक खैरे ने कहा कि आज विभिन्न शोध अध्ययनों से यह ज्ञात हो चुका है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ योग शिक्षा को समन्वित कर दिया जाए तो मानव जाति के समग्र स्वास्थ्य की प्राप्ति की जा सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी शरीर के साथ मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को ही अच्छे स्वास्थ्य की आवश्यकता मानता है। विवेकानंद केंद्र इसमें आध्यात्मिक स्वास्थ्य को भी जोड़ कर देखता है। जेएलएन मेडिकल कॉलेज के सभागार में शनिवार को राजस्थान मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमीनार में उन्होंने यह बात कही। खैरे ने कहा कि आज पूरी मानव जाति तनाव, चिंता एवं अवसादजनित मनोदैहिक रोगों से ग्रस्त है जिसकी चिकित्सा अकेले एलोपैथी से ही संभव नहीं है। जहां एलोपैथी उपचारात्मक चिकित्सा पद्धति है वहीं योग से शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ जाती है। मुख्य अतिथि कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डॉक्टर एस.के. भास्कर ने कहा कि हमें अपनी दृष्टि को प्राकृतिक दृष्टि से रूपांतरित करते हुए आध्यात्मिक दृष्टि में परिवर्तित करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्याम भूतड़ा ने इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र की ओर से किए जा रहे समाज उपयोगी कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ मधु माहेश्वरी, डॉ. संजीव माहेश्वरी, डॉ. राकेश पोरवाल, डॉ. कुमकुम सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।परीक्षा का तनाव प्रबंधन को विधायक भदेल ने सराहाइससे पूर्व राजकीय कन्या उमावि पहाडग़ंज में योग एवं विद्यार्थी जीवन विषय पर दीपक खैरे ने उद्बोधन दिया। इस मुख्य अतिथि अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल थी। भदेल ने विवेकानंद केंद्र की ओर से विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का तनाव प्रबंधन, अध्ययन की वैज्ञानिक विधि तथा उससे जुड़े हुए विभिन्न आयामों पर किए गए वैज्ञानिक शोध एवं प्रतिमानों की सराहना की तथा इसे प्रत्येक विद्यार्थी को अंगीकार करने पर जोर दिया।