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अलीगढ़ के टप्पल में हिंदुओं ने दी पलायन की चेतावनी, घराें के बाहर लिखा यह मकान बिकाऊ है…

समुदाय विशेष पर बेटियों की बारात चढ़ने से रोकने का आरोप लगाते हुए दी सवा सौ परिवारों ने दी पलायन की चेतावनी

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क

अलीगढ़. कैराना के बाद अब अलीगढ़ जिले के टप्पल थाना क्षेत्र स्थित एक गांव के सवा सौ हिंदू परिवारों ने पलायन की चेतावनी (Warning of Migration) देते हुए घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख दिया है। सोशल मीडिया गांव के घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ का फोटो वायरल होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने समुदाय विशेष के 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट कर ली। जबकि दूसरे पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि समुदाय विशेष के लोगों ने बारात चढ़ने से रोक दिया था, जिसके बाद हिंदू परिवारों ने नाराजगी जताते हुए पलायन (Exodus) की चेतावनी दे दी।

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बताया जा रहा है कि 26 मई को टप्पल थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव निवासी ओमप्रकाश की दो बेटियों की शादी थी। ओमप्रकाश ने बताया कि बारात चढ़त के साथ उनके घर पहुंचने वाली ही थी कि इससे पहले ही कुछछ समुदाय विशेष के लोगों ने धार्मिक स्थल के पास चढ़त को रोक दिया और बारातियों के साथ गांव के हिंदुओं पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में डीजे का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और चालक समेत दो लोग जख्मी हो गए। जब उन्होंने सुबह होने पर आरोपी पक्ष के खिलाफ तहरीर दी तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। केवल सुरक्षा के नाम पर गांव में दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि समुदाय विशेष के लोगों ने सुनियोजित तरीके से हमला बोला था। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज ग्रामीणों ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ है लिखकर गांव सं पलायन करने की चेतावनी दे दी। इसके बाद रविवार शाम पुलिस ने पीड़ित ओमप्रकाश की तहरीर पर गांव के वकील, कलुआ, अंसार, सोहिल, मुस्तकीम, सरफू, फारुख, अमजद, लहरू, तौफीक और सहजोर के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की।

मात्र 20 फीसदी हिंदू

बता दें कि नूूरपुर गांव की आबादी करीब साढ़े तीन हजार है, जिसमें 80 फीसदी मुस्लिम और 20 फीसदी हिंदू हैं। गांव में तीन मस्जिद और एक बड़ा मदरसा भी है। ग्रामीण राजवीर ने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष के लोग उन पर धर्मांतरण का दबाव डालते हैं। राजवीर का आरोप है कि हिंदुओं की लड़कियों की बारात के विरोध का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी गांव में तीन घटनाएं हो चुकी हैं। 25 अप्रैल व 9 मई को भी बारात का विरोध किया गया था। वहीं, इस मामले में भाजपा के खैर विधानसभा सीट से विधायक अनूप प्रधान का कहना है कि सीओ खैर और एसओ टप्पल को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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