
Flood in Aligarh : मौसम का मिजाज कब बदल जाए पता नहीं चलता। भारतीय कैलेण्डर के अनुसार, सावन और भादो मास में अत्यधिक बारिश होती है, लेकिन इस बार क्वार मास में हो रही बारिश ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस वजह से शहर से लेकर गांवों तक बाढ़ के भयावह हालात देखने को मिल रहे हैं। बारिश और बाढ़ से लोगों के मकान ढह गए हैं। अलीगढ़ में कई दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बद से बदतर हो चले हैं। लोगों के घरों में कई-कई फीट पानी भरा हुआ है। भूख से बच्चे बिलख रहे हैं। जबकि जिला प्रशासन आपदा के समय में भी आंखें मूंदकर बैठा है। इसकी पुष्टि खुद महापौर मोहम्मद फुरकान ने की है। उन्होंने लोगों की स्थिति देख अधिकारियों पर आरोप लगाया कि पहले ही पत्र लिखकर उन्हें अलर्ट किया गया, लेकिन उनकी लापरवाही से पूरा शहर डूब गया है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पिछले 5 दिन से भारी वर्षा हो रही है। इस वजह से शहर की सड़कों पर बाढ़ जैसे हालत देखने को मिल रहे हैं। शहरवासी नगर निगम की कार्यशैली को कोस रहे हैं। कई स्थानों से लोगों के मकान गिरने की सूचना है तो कुछ स्थानों पर मकानों में दरार आनी शुरू हो गई हैं। लोगों के घरों में भी कई-कई फीट तक पानी भरा हुआ है। ऊपरकोट कोतवाली क्षेत्र में जलभराव के चलते लोग अपने घरों के अंदर कैद होकर रह गए हैं। घरों में पानी भरने से बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। बारिश के कहर को देखते हुए अलीगढ़ जिला अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बच्चों के स्कूल की भी छुट्टियां कर दी हैं।
अधिकारियों के सिर फोड़ा ठीकरा
शहर के हालातों पर जब अलीगढ़ मेयर मोहम्मद फुरकान से बात की गई तो उन्होंने ठीकरा अधिकारियों के सिर फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु आने से पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर पहले ही चेतावनी दी गई थी। निगम ने नाला और ड्रेनेज सफाई का कार्य बहुत सुस्त तरीके से किया था। यदि निगम ने शहर के नाले और ड्रेनेज साफ कर दिए होते तो शहर डूबता नहीं।
लोगों से संयम बरतने की अपील
मेयर मोहम्मद फुरकान ने कहा कि आज शहर में जगह-जगह पानी देखने को मिल रहा है। पानी की निकासी मशीनों से की जा रही है। बरसात थमते ही शहर को जलभराव से मुक्त कर दिया जाएगा। मेयर ने शहरवासियों से ऐसी विपत्ति में संयम रखने की अपील की।
Published on:
24 Sept 2022 10:18 am
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