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अलीगढ़। लोकसभा से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोर्ट में प्रतिनिधित्व हेतु छह लोकसभा सदस्य कोर्ट सदस्य चुने गये हैं। इन सदस्यों में अलीगढ़ के सांसद सतीश कुमार गौतम, मुर्शिदाबाद के सांसद मुहम्मद बदरूददोजा खान, कोलकाता के सांसद ममताज़ संघमिता, बिजनौर के सांसद कुंवर भारतेन्दु सिंह, बुलंदशहर के सांसद भोला सिंह और एटा के सांसद राजवीर सिंह के नाम शामिल हैं।
सतीश गौतम ने उठाया था जिन्ना का मामला
इन सांसद सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष या इनके लोकसभा सदस्य रहने तक होगा। बता दें कि सांसद सतीश कुमार गौतम ने एएमयू में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर का मामला उठाकर तूफान ला दिया था। उन्हें फिर से कोर्ट मेम्बर नामित किया गया है। वे एएमयू के विकास में सहभागी बनेंगे।
चुनाव अधिकारी नामित
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विधि संकाय के डीन प्रो. जहीरउद्दीन को विभिन्न संकायों से छात्रों के एएमयू कोर्ट में प्रतिनिधित्व हेतु चुनाव कराने के लिये मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। रजिस्ट्रार कार्यालय के काउंसिल सेक्शन से जारी नोटिस के अनुसार कोर्ट सदस्यता के लिये चुने जाने वाले छात्रों को 2 जनवरी 2019 से वर्तमान कोर्ट सदस्यों का कार्यकाल पूर्ण होने के उपरान्त कोर्ट सदस्यता प्रदान की जायेगी।
एएमयू में विकास कार्यों की सराहना
इटली की यूनीवर्सिटी ऑफ मीलान के प्रोफेसर विंसेजो प्यूरी और आईआईटी दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रोफेसर डीपी कोठारी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में आयोजित सेमिनार ग्रिड कनेक्टिड सोलर पीवी प्लांट्स में भाग लिया। व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रोफेसर प्योरी ने छोटे ग्रिड कनेक्टिड सोलर पावर प्लांट्स की बेहतर तरीके से देखभाल पर व्याख्यान दिया। इंजीनियरिंग कॉलेज में आईईई में छात्र सदस्यों से संवाद किया। प्रो. डीपी कोठारी ने विकासशील देशों में उर्जा आवश्यकता चुनौतियों पर चर्चा करते हुए इसमें ग्रिड कनेक्टिड सोलर पीवी की भूमिका पर प्रकाश डाला। दोनों अतिथियों ने सौर उर्जा के क्षेत्र में एएमयू में हुए विकास कार्यों की सराहना भी की।
मेडिकल कॉलेज दिवस मनाया
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल जेहरू मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित कॉलेज दिवस समारोह में 2014 बैच के एमबीबीएस छात्रों के सम्मान में कॉलेज के शिक्षकों द्वारा विदाई समारोह का आयोजन किया गया। एमबीबीएस 2014 बैच के छात्र व छात्राओं ने कोर्स के दौरान हुए अनुभवों व कॉलेज में बिताये दिनों की यादों को ताजा किया। यह विदाई समारोह इस मायने में विशेष महत्व रखता है कि इसमें शिक्षक ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों व महाभोज के मेजबान होते हैं। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि सहकुलपति प्रोफेसर एमएच बेग ने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत छात्र व छात्राओं के लिये यह गौरव का क्षण है कि वह देश के नवें सर्वोच्च मेडिकल कॉलेज में अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर कॉलेज के निर्माण कार्य में अग्रणी भूमिका निभाने वाले प्रोफेसर जियाउद्दीन अहमद व प्रो. सैयद हादी हसन का स्मरण किया। उन्हीं की बदौलत इस मेडिकल का निर्माण 1962 में संभव हो सका। आज यह मेडीकल कॉलेज गरीब वर्ग के लोगों को सस्ती व सुलभ चिकित्सा सेवा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह बिना किसी भेदभाव के समान रूप से रोगियों की सेवा करें और अपने ज्ञान को अपडेट रखें। चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे शोध कार्यों से परिचित रहें। वह अपने पूर्ववर्तियों की तरह उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सीय शिक्षा और शोध उदाहरण बनेंगे।
Published on:
04 Oct 2018 09:58 am
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