
75 दिनों से स्कूल नहीं जा रही थी महिला टीचर, सोशल मीडिया पर एक्टिव। फोटो सोर्स-Ai
Uttar Pradesh News: सरकारी प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका को बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति के 75 दिनों तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण सस्पेंड कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि 75 दिनों से स्कूल से 'गायब' महिला स्कूल टीचर को अधिकारियों के साथ साथी शिक्षकों ने कई कॉल और मैसेज भेजे, लेकिन महिला टीचर ने किसी का जवाब तक नहीं दिया। इस दौरान स्कूल स्टाफ ने उन्हें सोशल मीडिया पर एक्टिव पाया।
महिला टीचर का नाम चैताली वार्ष्णेय है। जब विभागीय अधिकारियों ने चैताली की खोजबीन शुरू की तो पता चला कि वह सोशल मीडिया पर रील्स बनाने में व्यस्त हैं। 29 अगस्त को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राकेश कुमार सिंह ने उन्हें निलंबित कर दिया। BSA की ओर से जारी एक पत्र में कहा गया, "सहायक शिक्षा अधिकारी (लोधा ब्लॉक) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लोधा ब्लॉक के महुआ खेड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक शिक्षिका चैताली वार्ष्णेय 16 जून से बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के लगातार अनुपस्थित रहीं। उनके कदाचार और कर्तव्यहीनता के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है।"
महिला टीचर के सहकर्मियों की माने तो 11-12 जून को चैताली ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके बताया कि उनके मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर 8 जून के बाद इसका गलत इस्तेमाल किया गया। बताया जा रहा है कि चैताली का फेसबुक अकाउंट 27 जून तक एक्टिव रहा और करीब 6 दिन पहले उनकी टाइमलाइन पर 'हर हर गंगे' कैप्शन वाली एक पारिवारिक तस्वीर पोस्ट की गई।
मामले को लेकर महिला टीचर के पति नूतन प्रकाश का कहना है कि उनकी पत्नी की तबियत खराब है। उनके मेडिकल दस्तावेज विभाग को पहले ही जमा कर दिए हैं। इस मामले पर उन्होंने विभाग से चर्चा की बात कही। वहीं चैताली ने एक निजी मीडिया हाउस से बातचीत के दौरान कहा कि वह उस विद्यालय में काम नहीं करना चाहती हैं। बीमारी के कारण वह स्कूल नहीं गईं।
Published on:
02 Sept 2025 11:11 am
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