
mannan bashir wani
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने सोमवार को ज्योलॉजी विभाग में पीएचडी छात्र मनान बशीर वानी को निष्कासित कर दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय कैंपस में मोहम्मद हबीब हॉल में उसके कमरे को भी सील बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई बशीर वानी के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने की खबर के बाद की गई है।
राष्ट्र विरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं
एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर एम मोहसिन खान ने बताया कि अनुशासनहीनता के आधार पर बशीर वानी को जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है। एएमयू एवं इससे संबंद्ध अन्य संस्थाओं में उसके प्रवेश पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रोफेसर खान ने स्पष्ट किया है कि एएमयू में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को कतई सहन नहीं किया जाता है। राष्ट्र की सुरक्षा एवं सम्मान हमारे लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन पुलिस एवं जांच एजेंसियों के साथ सहयोग के लिए कटिबद्ध है।
पुलिस ने वानी के कमरे की तलाशी ली
इससे पहले एसएसपी अलीगढ़ राजेश पांडे के नेतृत्व में एएमयू के मोहम्मद हबीब हॉल में छापा मारा गया। इस दौरान कमरा नंबर 237 जिसमें मुनान बशीर वानी रहता था, उसकी तलाशी ली गई। एसएसपी अलीगढ़ राजेश पांडे ने बताया कि तलाशी के दौरान कुछ डायरी और कागजात जब्त किए गए हैं, जनके आधार पर जांच की जाएगी।
एके 47 के साथ वानी की तस्वीर वायरल
बता दें कि एएमयू के छात्र मुनान बशीर वानी की एके 47 राइफल के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जिससे यह चर्चा हो रही है कि वो आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है। बशीर वानी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जियोलॉजी में पीएचडी कर रहा था। पिछले साल गृह नगर उत्तर कश्मीर में आई बाढ़ के बाद जीआईएस तकनीक और रिमोट सेंसिंग को लेकर अपनी रिपोर्ट समिट की थी, जिसके लिए उसे पुरस्कृत भी किया गया था। मुनान बशीर वानी दक्षिण कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब गांव का निवासी है।
Published on:
08 Jan 2018 08:46 pm
बड़ी खबरें
View Allअलीगढ़
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
