
AMu student
अलीगढ़। आज मैं काफ़ी परेशान सा रहा, क्यूँकि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (ए॰एम॰यू॰) के एक शोधछात्र मुनान बशीर वानी, जो कश्मीर निवासी है, उसका फ़ोटो आतंकवादी वेशभूषा में अखबारों और न्यूज़ चैनलों की सुर्ख़ियो में रहा। मैं भी ए॰एम॰यू॰ का शोधार्थी रहा हूँ। छात्र रहते हूए गुमराह हो जाना वो भी ए॰एम॰यू॰ जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय में, ये मुश्किल काम है। आरोपी आतंकी जैसा की समाचार पत्रों में आया, मननान वानी नामक छात्र को ए॰एम॰यू॰ प्रशासन ने तत्काल निलम्बित कर दिया, जो देश हित में था। इससे पहले भी एम॰एस॰सी॰ के एक छात्र द्वारा हमारे सेनाओं को गंदी गाली देने के वजह से तत्कालीन कुलपति ने निलम्बित किया था ।
कश्मीरी युवाओं को नौकरी मिलने में मुश्किल
मेरे काफ़ी जानने वाले छात्र कश्मीर से हैं। वो काफ़ी मेहनती और पढ़ने वाले होते हैं। कश्मीर के छात्र का ये कारनामा पूरे कश्मीर के छात्रों के ऊपर एक शक के तरह काम करेगा, आने वाले समय में हो सकता है ए॰एम॰यू॰ में कश्मीरी छात्रों का प्रवेश भी कम कर दिया जाए। पूरे विश्व में हमारे ओल्डबॉयज काफ़ी चिंतित और परेशान हैं कश्मीर के इस छात्र की हरकत से। आतंक का रास्ता देश के लिए ख़तरा है। उसको ए॰एम॰यू॰ या यहाँ से कोई भी तबक़ा बर्दाश्त नहीं करेगा। कश्मीर के युवा अब पढ़कर गुमराह रास्तों पर चलेगा तो ये ग़लत होगा। ज्ञान तो गुमराह के लिए नहीं होता। हालत ऐसा हो गया है जब ए॰एम॰यू॰ से निकलकर कश्मीरी युवा कहीं नौकरी के लिए जाएगा, तो याद रखिए उसको नौकरी नहीं मिलेगा। सबको उस होनहार युवक के रूप में आतंकी मन्नान वानी नज़र आएगा ।
मुसलमान बदनाम हो रहा
देश हमारे लिए सर्वोपरि है, देश है तो हम हैं। सरकारें जो भी हो, वो सुरक्षा को सर्वोपरि ही मानेंगी। आतंकी हाफ़िज़ सईद जैसे गंदी नाली के कीड़ों के वजह से आज ‘मुसलमान’ बदनाम हो रहा है, आज आतंकी मन्नान वनी ने कश्मीर के युवाओ को बदनाम और शर्मिंदा कर दिया। AMU में 2000 से अधिक कश्मीर के छात्र-छात्राएँ शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनको शर्मिंदा कर दिया है इस घटना ने। देश की सुरक्षा ए॰एम॰यू॰ या मेरे जीवन से बढ़कर है। हम हर हाल में आतंक को ख़त्म करके रहेंगे। जय हिंद।
क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि शोध छात्र मुनान बशीर वानी आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है। एके 47 राइफल के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। वानी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एप्लाइड जियोलॉजी (Applied Geology) में पीएचडी कर रहा था। मुनान बशीर वानी जम्मू एंड कश्मीर का रहने वाला है। वह दक्षिण कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब गांव का निवासी है।
दुखी मन से
डॉक्टर जसीम मोहम्मद
पूर्व छात्र और पूर्व मीडिया सलाहकार, ए॰एम॰यू॰, अलीगढ़
Published on:
09 Jan 2018 10:54 am
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