सुन्नी धर्म शास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. तौकीर आलम फलाही ने कहा कि इमाम हुसैन का धैर्य केवल कर्बला तक सीमित नहीं था बल्कि उसका पैमाना यह भी था कि वह एक जालिम शासक के खिलाफ खड़े थे जो ईमान के रास्ते से भटक गया था। प्रो. सऊद आलम कासमी ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन जन्नत में नौजवानों का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन को कभी सत्ता का लालच नहीं रहा, बल्कि वह दीन को कायम करना चाहते थे। प्रो. कासमी ने कहा कि उनके बलिदान से बड़ा विश्व का कोई अन्य बलिदान नहीं है।