
AMU
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के पैथालोजी विभाग द्वारा कैंसर की पहचान के विषय पर ऑनकोलोजिक पैथालोजी का अन्तर्राष्ट्रीय सिम्पोजियम आयोजित किया गया। इसमें अलीग्स एकेडमिक इनरिचमेंट प्रोग्राम (एएईपी) तथा अलीगढ़ मेडिकल एल्युमनाई एसोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिका (अमाना) ने सहयोग किया। इस मौके पर कहा गया कि कैंसर की तुरन्त पहचान प्रभावी चिकित्सा के लिए अनिवार्य है।
विवि के अन्य विभाग भी करें ऐसे कार्यक्रम
सिम्पोजियम के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि यह सिम्पोजियम रोगियों के लिये चिकित्सीय देखभाल तथा स्वास्थ्य के स्तर को बेहतर बनाने के अनिवार्य तत्वों से सम्बन्ध रखता है। उन्होंने पैथालोजी विभाग को यथासम्भव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि इस विभाग की सेवाएं मेडिकल कॉलेज के अन्य विभागों द्वारा भी प्रयोग की जाती हैं। हमें इसे सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। कुलपति ने कहा कि पूर्व छात्रों के सहयोग से इस प्रकार के कार्यक्रम हमें विश्वविद्यालय के अन्य विभागों में भी आयोजित करने चाहिये। प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि अमाना ने जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेजऑडीटोरियम के निर्माण के लिये 60 लाख रुपया दान स्वरूप दिया था।
मोलीक्यूलर डायग्नोसिस
कार्यक्रम के मानद अतिथि यूनीवर्सिटी ऑफ मैसाचूसट्स मेडिकल स्कूल अमेरिका के प्रो. अशरफ खान ने कहा कि पैथालोजी विभाग तेज गति से विकास की ओर अग्रसर है। इसमें मोलीक्यूलर डायग्नोसिस का प्रयोग काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि नवीन टैक्नालोजी तथा आधुनिकता से चिकित्सीय शिक्षा में तथा फिजीशियन की नई पीढ़ी के प्रशिक्षण में नये पहलुओं की वृद्धि हुई है। इन विभागों में विचारों का आदान प्रदान चिकित्सीय प्रशिक्षण के लिये अत्यधिक प्रासंगिकता रखता है। सिम्पोजियम के वैज्ञानिक कार्यक्रम से प्रो. खान के साथ-साथ दुबई के अनाटोमिक पैथालोजिस्ट डॉ. शकील अख्तर तथा मैक्स हैल्थ केयर नई दिल्ली के डॉ. अंदलीब अबरारी ने भी सम्बोधित किया।
कैंसर पर जनजागृति
मेडिसन संकाय के अधिष्ठाता तथा जेएन मेडीकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. एससी शर्मा ने बल देते हुए कहा कि कैंसर के सन्दर्भ में जनजागृति को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मिशन के रूप में अपनाया जा रहा है। सिम्पोजियम के आयोजन अध्यक्ष प्रो. एसएच आरिफ ने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर की पहचान की समस्त सुविधाएं एपलब्ध हैं। हमें हेमोटॉनकोलोजी एवं मोलीक्यूलर जेनेटिक्स पर कार्य करने की आवश्यकता है। आयोजन चेयरपर्सन प्रो. किरन आलम ने कहा कि ट्यूमर की डायग्नोसिस में मोलीक्यूलर डायग्नोटिक्स रीढ़ की हड्डी का स्थान रखता है। आशा की जानी चाहए कि इस सिम्पोजियम से टयूमर के मोलीक्यूलर पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर सिम्पोजियम की स्मरिका का भी विमोचन किया। प्रो. कफील अख्तर तथा डॉ. रूबना खान सिम्पोजियम के संयुक्त सचिव थे। सलाहकारों में प्रो. नज़ूरा खान, प्रो. वीना माहेश्वरी, प्रो. सैयद शमशाद तथा प्रो. एसए सिद्दीकी शामिल थे। आयोजन सचिव तथा पैथालोजी विभाग के प्रो. महबूब हसन ने आभार व्यक्त किया। डॉ. बुशरा सिद्दीकी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
Published on:
25 Jan 2018 07:28 pm
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