10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

BIG NEWS बवाल के बाद एएमयू से जिन्ना की तस्वीर हटाई गई

मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर यूनियन हॉल से हटा ली गई है।

2 min read
Google source verification
Mohammad Ali Jinnah

अलीगढ़। पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना पर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर लगी हुई थी। भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश गौतम के पत्र लिखने के बाद विवाद शुरू हुआ। इस विवाद का व्यापक असर हो रहा है। जिन्ना की तस्वीर के चक्कर में एएमयू में बवाल हो गया। इस बीच मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर यूनियन हॉल से हटा ली गई है।

यह भी पढ़ें- VIDEO एएमयू में बवाल, पुलिस ने किया लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े

भाजपा पर आरोप
पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर यूनियन हॉल में लगी हुई थी। इसे अब हटा लिया गया है। इस मामले में एएमयू छात्रसंघ उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर का कहना है कि सफाई के लिए तस्वीर उतारी गई थी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भारत से मुसलमानों को भगाना चाहती है, इसी कारण जिन्ना का विवाद पैदा किया गया है। हिन्दूवादी संगठन एएमयू का माहौल खराब कर रहे हैं। हिन्दूवादी संठगनों द्वारा एएमयू में जिन्ना का पुतला फूंकने के सवाल पर कहा कि ये लोग पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर हमला करने आए थे।

यह भी पढ़ें- हिन्दूवादियों ने एएमयू के अंदर घुसकर जिन्ना का पुतला फूंका

1938 में आए थे जिन्ना

वहीं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी का कहना है कि मोहम्मद अली जिन्ना 1938 में छात्रसंघ के एक कार्यक्रम में आए थे। तब उन्हें छात्रसंघ की आजीवन सदस्यता प्रदान की गई थी। जिन्ना यूनियन हॉल में भी आए थे। देश-विदेश के करीब 100 लोगों को छात्रसंघ की आजीवन सदस्यता प्रदान की गई थी। उन सबकी तस्वीरें यूनियन हॉल में लगी हुई हैं। इन्हीं ‘जिन्ना साहब’ की तस्वीर है।

यह भी पढ़ें- एएमयू में जिन्ना की तस्वीर, भाजपा सांसद ने उठाए सवाल


तस्वीर को पाकिस्तान भेजें
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश गौतम का कहना है कि जिन्ना भारत के बंटवारे के सूत्रधार थे। जिन्ना की तस्वीर को यहां कोई औचित्य नहीं है। जिन्ना की तस्वीर को पाकिस्तान भेज देना चाहिए।