
karva chauth
अलीगढ़। कई बार हिन्दू-मुस्लिम दंगों का दंश झेल चुके अलीगढ़ में करवाचौथ पर साम्प्रदायिक सद्भाव की मिसाल देखने को मिली। मुस्लिम महिला ने सहेलियों से प्रेरित होकर करवा चौथ का व्रत रखा। इनका नाम है सुम्बुल खान। हर तरफ तारीफ हो रही है। साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक माना जा रहा है।
दंगों के लिए प्रसिद्ध है अलीगढ़
अलीगढ़ पूरे देश में ताला नगरी के साथ-साथ एक और नाम से जाना जाता है और वह है हिन्दू मुस्लिम दंगे। अब तक अलीगढ़ में आधा दर्जन से अधिक हिन्दू मुस्लिम के ऐसे दंगे हुए हैं जिन्होंने अलीगढ़ को झकझोर के रख दिया। अलीगढ़ का नाम इतिहास में दंगों का शहर के रूप में दर्ज हो गया। अलीगढ़ को सुम्बुल खान जैसी एक महिला मिली है, जिसने दंगों दंश से दूर करने के लिए एक कोशिश करते हुए करवा चौथ का
हिन्दू सहोलियों ने दी प्रेरणा
मूल रूप से मुंबई की रहने वाली सुम्बुल खान का निकाह अलीगढ़ के जयगंज के रहने वाले इमरान खान से लगभग एक वर्ष पूर्व हुआ था। उसने अपने निकाह का एक वर्ष पूर्ण होने के साथ-साथ हिन्दुओं के त्योहार करवाचौथ व्रत को रखने के लिए अपने शौहर इमरान खान से इजाजत ली। इस व्रत को रख लिया। सुम्बुल खान का कहना है कि वह इस व्रत के बारे में कुछ खास तो नहीं जानती लेकिन उसकी कुछ हिन्दू सहेलियों द्वारा करवा चौथ के व्रत रखे जाने से प्रेरित होकर इस व्रत को रखा है।
पति खुश
सुम्बुल खान द्वारा करवा चौथ के व्रत को रखने पर उसके शौहर इमरान खान ने भी खुशी जताई। कहा कि हमने सुना है कि यह करवा चौथ का व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखती हैं, आज उनके लिए उनकी पत्नी ने व्रत रखा है वह इससे बहुत खुश हैं।
Published on:
28 Oct 2018 10:59 am
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