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छह साल बाद भी धूल फांक रहा राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज

सारी सुविधाएं होने के बावजूद अलीगढ़ का राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं हुआ।

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medicle college

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अलीगढ़। जिले में बना राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। मायावती सरकार के समय में इस होम्योपैथिक कॉलेज की नीेंव रखी गई। राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज बनने का काम जून 2010 में शुरु हुआ था और दिसम्बर 2012 में ये बनकर तैयार हो गया। इस मेडिकल कॉलेज को बनने में करीब 53 करोड़ रुपये लागत आई। लेकिन यहां सभी सुविधाएं होने के बाद भी ये अस्पताल शुरू नहीं हो सका है।

2012 में हो चुका है काम पूरा
2012 में ये कॉलेज बनकर तैयार हो चुका था और उस समय बसपा सरकार के कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह और पूर्व सांसद राजकुमारी चौहान ने इस अस्पताल का लोकार्पण किया था। मायावती शासन के बाद अखिलेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर काम नहीं किया गया। यहां मशीनों से लेकर 100 बेड तक सभी तैयारियां पूरी हैं, केवल स्टाफ की तैनाती होना बाकी है। इस मेडिकल कॉलेज में जिलाधिकारी से लेकर प्रमुख सचिव तक मुआयना कर चुके हैं, लेकिन यहां काम शुरू कराने के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया है।

जनता का हो रहा नुकसान
जयवीर सिंह भाजपा से एमएलसी बन गये हैं, लेकिन वे भी इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ा पाए हैं। पूर्व विधायक व बसपा नेता हाजी जमीर उल्लाह का कहना है कि अखिलेश यादव नहीं चाहते थे कि बहन मायावती को इस मेडिकल कॉलेज का श्रेय मिले और अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इसका नुकसान जनता को हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो गरीब लोग दिल्ली नहीं जा सकते, वे अपना इलाज यहां करा सकते हैं। वहीं जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह का कहना है कि आयुष विभाग के सचिव से इस बारे में बात चल रही है। कोशिश की जा रही है कि डॉक्टरों की नियुक्ति होने के बाद यहां काम शुरू हो जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन इस मामले को लेकर गंभीर है। हालांकि जिलाधिकारी ने किसी राजनीतिक अड़चन से इंकार किया है और दो महीने में यहां सभी सुविधाओं के शुरु कराने की बात कही जा रही है।