5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

होम

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

icon

प्रोफाइल

साध्वी का काला सच: प्रेम, राजनीति और हत्या, पूजा शकुन पांडेय की चौंकाने वाली कहानी

अलीगढ़ में बाइक शोरूम मालिक की गोली मारकर हत्या ने सनसनी फैला दी है। इस हत्याकांड में महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय का नाम सामने आया है। पिता के आरोप, सुपारी का खुलासा और फरार साध्वी की तलाश ने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है।

2 min read
Google source verification
Aligarh news

फोटो सोर्स पत्रिका

अलीगढ़ जिले में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। बाइक शोरूम चलाने वाले 25 वर्षीय अभिषेक गुप्ता की बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज हत्याकांड में निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय और उनके पति अशोक पांडेय का नाम सामने आया है। अभिषेक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अशोक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि पुलिस अब महामंडलेश्वर की तलाश में जुटी है।

पुलिस जांच में CCTV फुटेज और पूछताछ में सामने आया कि हत्या की सुपारी तीन लाख रुपये में दी गई थी। गिरफ्तार किए गए शूटर मोहम्मद फजल ने खुलासा किया कि सौदा डेढ़ महीने पहले तय हुआ था। इसके लिए उन्हें एक लाख रुपये एडवांस मिले थे। गोली उसके साथी आसिफ ने चलाई थी। दरअसल, अभिषेक गुप्ता हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव कचौरा के रहने वाले थे। और हाल ही में खैर कस्बे में उन्होंने टीवीएस बाइक का शोरूम खोला था। 26 सितंबर की रात पिता और चचेरे भाई के साथ शोरूम बंद कर घर लौटते समय खेरेश्वर मंदिर चौराहे पर बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। जैसे ही वे बस में चढ़ने लगे। पीछे से गोली मार दी गई। और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

शादी का दबाव बनाकर महामंडलेश्वर अपने साथ अलीगढ़ में रखती थी

अभिषेक के पिता नीरज गुप्ता का आरोप है कि महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडेय लंबे समय से उनके बेटे पर शादी का दबाव बना रही थीं। वे उसे अपने साथ अलीगढ़ में ही रखती थीं। घर आने से रोकती थीं। अभिषेक ने विरोध किया तो धमकियां मिलने लगीं। परेशान होकर उसने दूरी बना ली। नया शोरूम शुरू किया। नीरज गुप्ता का कहना है कि बेटे ने मां को इस दबाव की जानकारी भी दी थी। पिता का दावा है कि यही दबाव और मनमानी उसके कत्ल की वजह बनी। अब पुलिस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी है। फरार महामंडलेश्वर की तलाश जारी है।

संन्यास लेकर बनाई हिंदू अदालत

पूजा शकुन पांडेय ने हिंदुत्व की विचारधारा से प्रभावित होकर वर्ष 2017 में संन्यास लेने का ऐलान किया। इसी दौरान उन्होंने अपने पति अशोक पांडेय से औपचारिक तलाक भी लिया। गुजरात स्थित द्वारिकाधीश मंदिर पहुंचकर दीक्षा ग्रहण की। दिलचस्प बात यह रही कि तलाक के बावजूद पूजा और अशोक साथ ही रहते थे। संन्यास के बाद पूजा ने 15 अगस्त 2018 को शरिया अदालत की तर्ज पर ‘सनातन हिंदू न्यायपीठ’ की स्थापना की और खुद को इसकी मुख्य न्यायाधीश घोषित किया। इस मंच से उन्होंने कई दीवानी मामलों की सुनवाई की और फैसले भी सुनाए। जिन्हें स्थानीय लोगों ने स्वीकार भी किया।

गांधी के पुतले पर गोलीकांड से चर्चा में आईं

2019 में पूजा शकुन पांडेय ने अपने नाम के आगे महामंडलेश्वर जोड़ लिया और डॉ. अन्नपूर्णा भारती के नाम से पहचान बनाने लगीं। उसी साल 2 अक्टूबर को एक कार्यक्रम में उन्होंने महात्मा गांधी की तस्वीर वाले पुतले पर एयर गन से गोली चलाई। पुतले पर गुब्बारे लगे थे, जिनसे खून जैसा लाल रंग बाहर निकला। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद पूजा, उनके पति अशोक और अभिषेक गुप्ता पर मुकदमा दर्ज हुआ और तीनों को जेल भेजा गया। कुछ ही दिनों में पूजा को जमानत मिल गई और वह डासना पीठ के प्रमुख यति नरसिंहानंद के संपर्क में आ गईं। यति ने उन्हें कानूनी मुश्किलों से उबरने में मदद की। इसके बाद पूजा ने उन्हें अपना गुरु माना और उनके साथ कई धार्मिक सभाओं में हिस्सा लेने लगीं।